पूरे भारतवर्ष सहित विश्व भर में रहने वाले जैन संप्रदाय के लोग 10 दिनों तक व्रत संयम तप त्याग उपवास पूजा में लीन रहते हैं। बच्चों से लेकर महिलाएं, बुजुर्ग सभी इन 10 दिनों में आवश्यक रूप से अपने अन्य कार्यों को छोड़कर धर्म ध्यान करते हैं। शहर में स्थापित दोनों जैन मंदिरों में प्रातः 4:00 बजे से ही मंदिर की घंटियां बजने लगती हैं। महिलाएं केसरिया वस्त्र में और पुरुष श्वेत वस्त्र में पूजा ध्यान में लीन हो जाते हैं। पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट…
झुमरी तिलैया। पूरे भारतवर्ष सहित विश्व भर में रहने वाले जैन संप्रदाय के लोग 10 दिनों तक व्रत संयम तप त्याग उपवास पूजा में लीन रहते हैं। बच्चों से लेकर महिलाएं, बुजुर्ग सभी इन 10 दिनों में आवश्यक रूप से अपने अन्य कार्यों को छोड़कर धर्म ध्यान करते हैं। शहर में स्थापित दोनों जैन मंदिरों में प्रातः 4:00 बजे से ही मंदिर की घंटियां बजने लगती हैं। महिलाएं केसरिया वस्त्र में और पुरुष श्वेत वस्त्र में पूजा ध्यान में लीन हो जाते हैं। 10 दिनों तक महिलाएं- पुरुष एक समय भोजन या फलाहार या निर्जल उपवास करते हैं।
वास्तव में यह 10 लक्षण पर श्रद्धालु भक्त जनों को आत्मा से परमात्मा की ओर ले जाने का मार्ग प्रकाशित करता है। प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी श्री दिगंबर जैन समाज के सानिध्य में भादो शुक्ल पंचमी से भादो शुक्ला 14 तक चलने वाली 10 दिवसीय दसलक्षण पर्युषण महापर्व 8 सितंबर से प्रारंभ हो रहा है। इसकी तैयारी जैन समाज के पदाधिकारी सहित श्रद्धालु भक्तजन धूमधाम से कर रहे हैं। इन दिनों समाज के सभी लोग संयम और त्याग धारण कर अपने जीवन में पुण्य अर्जित करेंगे। जैन समाज के पदाधिकारी नरेंद्र झाझंरी, राज छाबड़ा, सुरेंद्र काला ने कहा कि 10 दिनों तक चलने वाले इस पर्व में समाज सेवा के कार्यों के साथ-साथ रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी किए जाएंगे।
जैन समाज के सभी वर्ग के लोग तन मन धन के साथ इस महापूर्व को सफल बनाने में लगे हुए हैं। जैन समाज के मीडिया प्रभारी नवीन जैन और राजकुमार अजमेरा ने बताया कि आचार्य विद्यासागर जी गुरुदेव की शिष्या बुंदेलखंड से आई गुणमाला दीदी चंदा दीदी का मंगल प्रवचन दोनों मंदिरों में 10 दिनों तक होंगे। स्टेशन रोड मंदिर और पानी टंकी रोड मंदिर को प्रकाश लाइट से सजाया गया है।













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