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आज दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी में होगा पंचमुखी जिनालय व नन्दीश्वर दीप का भव्य शिलान्यास : मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी महाराज के सान्निध्य में होगा ऐतिहासिक समारोह 


दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी में आज पंचमुखी पाषाण जिनालयों, सिंह द्वार और नन्दीश्वर दीप के बावन जिनालयों का ऐतिहासिक शिलान्यास मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी महाराज ससंघ के सान्निध्य में सम्पन्न होगा। शिलान्यास पूर्व महाराजश्री ने प्रकृति संरक्षण का गहन संदेश दिया। तीर्थ समिति ने सभी श्रद्धालुओं से समय पर पहुँचने की अपील की। पढ़िए राजीव सिंघई मोनू की रिपोर्ट…


थूवोनजी। मध्य भारत के विशालतम विकसित हो रहे जैन तीर्थ दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी में आज का दिन इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज होने वाला है। यहाँ पंचमुखी पाषाण जिनालयों, भव्य सिंह द्वार तथा नन्दीश्वर दीप के बावन जिनालयों का शुभ शिलान्यास परम पूज्य राष्ट्रसंत मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी महाराज ससंघ के पावन सान्निध्य में सम्पन्न होगा।

पर्यावरण संरक्षण ही मानव धर्म 

शिलान्यास पूर्व आयोजित विशाल धर्मसभा में मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी महाराज ने श्रद्धालुओं को पर्यावरण संरक्षण का भावनात्मक संदेश दिया।

उन्होंने कहा कि वायु को स्वच्छ रखना आपका धर्म है। ये हवाएँ आपको जीवनदान देती हैं। जिसने उपकार किया है, उसके उपकार का प्रतिदान अवश्य चुकाना चाहिए। यदि प्रकृति के प्रति कृतज्ञता नहीं होगी, तो ऐसे स्थान पर जन्म होगा जहाँ केवल रेगिस्तान होगा। उन्होंने जल संरक्षण पर बल देते हुए कहा—

“जिस पानी का उपयोग करते हो, उसे स्वच्छ रखना भी आपकी जिम्मेदारी है। पेड़-पौधे, सब्जियाँ, लकड़ी, जल—मनुष्य जन्म से मरण तक हर क्षण प्रकृति पर निर्भर है।

बाँझ भूमि को उर्वरा बनाना हमारा नैतिक कर्तव्य 

प्रकृति के प्रति कर्तव्य बताते हुए महाराजश्री बोले कि पृथ्वीकाय का उपकार चुकाने हेतु बाँझ भूमि को उर्वरा बनाना हमारा नैतिक कर्तव्य है। चाणक्य का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जिस प्रकार राजा अपनी प्रजा को समृद्ध करता है, उसी प्रकार समाज और राष्ट्र की उन्नति के लिए हम सबको तन-मन-धन से सहयोग करना चाहिए।”

सोलह नवम्बर को शिलान्यास—वर्षों की प्रतीक्षा आज होगी पूर्ण

दर्शनोदय तीर्थ क्षेत्र समिति के प्रचार मंत्री विजय धुर्रा ने बताया कि वर्षों से चल रहे प्रयासों और साधु-संघ के आशीर्वाद से यह महान अवसर आज साकार हो रहा है। मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी महाराज ससंघ के साथ क्षुल्लक श्री गम्भीर सागर जी महाराज, क्षुल्लक श्री वरिष्ठ सागर जी महाराज, क्षुल्लक श्री विदेह सागर जी महाराज तथा प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप भइया के निर्देशन में पंचमुखी पाषाण जिनालय, विशाल सिंह द्वार तथा श्री नन्दीश्वर दीप के बावन जिनालयों का विधि-विधानपूर्वक शिलान्यास सम्पन्न होगा। समारोह में शामिल होने का सौभाग्य उस पुण्यशाली परिवार को प्राप्त होगा, जिनका सुकृत समिति द्वारा पूर्व में घोषित किया जा चुका है। सभी श्रावक-श्राविकाओं से आह्वान है कि वे परिवार सहित उपस्थित होकर जैन धर्म की महान प्रभावना में सहभागी बनें।

तीर्थ समिति ने दी सामूहिक उपस्थिति की अपील

तीर्थ समिति के पदाधिकारियों में अध्यक्ष अशोक जैन टींगू, उपाध्यक्ष धर्मेन्द्र रोकड़िया, संजीव जैन, महामंत्री मनोज भैसरवास,

कोषाध्यक्ष प्रमोद मंगल, दीप मंत्री शैलेन्द्र दद्दा, राजेन्द्र हलवाई, प्रदीप रानी जैन, अनिल बंसल, डॉ. जितेन्द्र जैन, प्रचार मंत्री विजय धुर्रा, मीडिया प्रभारी अरविंद कचनार, ऑडिटर अक्षय अमरोद, समाज अध्यक्ष राकेश कासंल,

महामंत्री राकेश अमरोद एवं अन्य वरिष्ठ सदस्यों ने सभी भक्तजनों से समय पर पहुँचकर धर्मलाभ लेने की अपील की है।

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