स्थानीय गुरुकुल स्कूल में कक्षा 10 के विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों के लिए परामर्श सत्र रखा गया। यह सत्र प्रख्यात पुनर्वास मनोवैज्ञानिक, आरईबीटी-सीबीटी थैरेपिस्ट एवं काउंसलर डॉ. अली ए हुसैनी (आरसीआई लाइसेंस प्राप्त) ने संचालित किया। डॉ. हुसैनी को पुणे एवं इंदौर में 10 से अधिक वर्षों का व्यावसायिक अनुभव है। धामनोद से पढ़िए, दीपक प्रधान की यह खबर…
धामनोद। स्थानीय गुरुकुल स्कूल में कक्षा 10 के विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों के लिए परामर्श सत्र रखा गया। यह सत्र प्रख्यात पुनर्वास मनोवैज्ञानिक, आरईबीटी-सीबीटी थैरेपिस्ट एवं काउंसलर डॉ. अली ए हुसैनी (आरसीआई लाइसेंस प्राप्त) ने संचालित किया। डॉ. हुसैनी को पुणे एवं इंदौर में 10 से अधिक वर्षों का व्यावसायिक अनुभव है। डॉ. हुसैनी ने अपने सत्र में विद्यार्थियों और अभिभावकों को तनाव, चिंता, परीक्षा भय एवं मानसिक दबाव से उबरने के प्रभावी उपाय बताए। उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास बनाए रखने, सकारात्मक सोच विकसित करने तथा भावनात्मक संतुलन के महत्व पर प्रकाश डाला। सत्र में उन्होंने समझाया कि स्पष्ट लक्ष्य निर्धारण, अपनी क्षमताओं एवं शक्तियों की पहचान और स्पष्ट दृष्टि के साथ किया गया निरंतर परिश्रम सफलता की कुंजी है।
करियर चयन के लिए वैज्ञानिक तकनीक जरूरी
अपने परामर्श में डॉ. हुसैनी ने चिंता, तनाव, अवसाद, करियर काउंसलिंग, आत्मविश्वास, नींद संबंधी समस्याएँ, क्रोध नियंत्रण, पारिवारिक एवं वैवाहिक समस्याएं, बच्चों में एडीएसचडी ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिस ऑर्डर, ओसीडी फोबिया, साइकोसोमैटिक विकार, आत्म-छवि, आत्म-हानि, करियर चयन के लिए वैज्ञानिक तकनीकों जैसे अनेक विषयों पर भी मार्गदर्शन दिया। सत्र के दौरान विद्यार्थियों एवं अभिभावकों ने लक्ष्य निर्धारण, करियर चयन, तनाव प्रबंधन एवं भविष्य की योजनाओं को लेकर अपने प्रश्न पूछे, जिनका डॉ. हुसैनी ने अत्यंत सहज, व्यावहारिक और संतुलित ढंग से समाधान किया। उनके उत्तरों से अभिभावक और विद्यार्थी संतुष्ट हुए।
मार्गदर्शन सार्थक प्रयास
यह परामर्श सत्र विद्यार्थियों के मानसिक सशक्तिकरण एवं अभिभावकों को सही मार्गदर्शन प्रदान करने की दिशा में एक सार्थक प्रयास सिद्ध हुआ। विद्यालय प्रबंधन ने इस अवसर पर डॉ. अली ए. हुसैनी का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे उपयोगी सत्रों के आयोजन की प्रतिबद्धता दोहराई।













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