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रथ पर विराजित भगवान महावीर का नगर भ्रमण: भगवान के जन्म कल्याणक महोत्सव में बरसा अटूट आनंद 


जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी का जन्म कल्याणक महोत्सव धार्मिक आयोजनों के साथ मनाया गया। तीन दिवसीय महोत्सव मनाया गया। आज अंतिम दिन भव्य रथयात्रा चल समारोह निकाला गया। भगवान महावीर स्वामी को सुसज्जित रथ पर विराजमान कर नगर भ्रमण कराया। जैन समाज के श्रद्धालु भक्ति आनंद में सराबोर रहे। मुरैना से पढ़िए मनोज जैन नायक की यह खबर…


मुरैना। जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी का जन्म कल्याणक महोत्सव विभिन्न धार्मिक आयोजनों के साथ हर्षाेल्लास से मनाया गया। इस पावन अवसर पर तीन दिवसीय महोत्सव मनाया गया। आज अंतिम दिन भव्य रथयात्रा चल समारोह निकाला गया। भगवान महावीर स्वामी को सुसज्जित रथ पर विराजमान कर नगर भ्रमण कराया गया। सौधर्म इंद्र भगवान महावीर स्वामी को लेकर रथ पर विराजमान हुए। अन्य चार इंद्र श्री जिनेंद्र प्रभु पर चवर ढ़ुरा रहे थे। भव्य शोभायात्रा में पंचरंगी ध्वजा लेकर युवा साथी घोड़ों पर सवार होकर आगे आगे चल रहे थे। दो बैंड, ढोल, नगाड़ों के साथ पांच घोड़ा बग्घियों में पात्र स्वरूप श्रेष्ठिगण विराजमान थे। जैन सिद्धांतों पर चित्रित झांकियां शोभायान हो रही थीें। युवा वर्ग जैन भजनों पर भक्तिमय नृत्य कर रहे थे। श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन पंचायती बड़ा मंदिर कमेटी के नेतृत्व में भगवान महावीर स्वामी जन्म कल्याणक महोत्सव समिति द्वारा सकल जैन समाज के सहयोग से आयोजित भव्य रथ यात्रा बड़ा जैन मंदिर से प्रारंभ होकर गोपीनाथ की पुलिया, जीवाजी गंज, राम जानकी मंदिर, सुबात रोड, पुल तिराहा, सदर बाजार, हनुमान चौराहा, स्टेशन रोड, शंकर बाजार, झंडा चौक, सराफा बाजार, लोहिया बाजार भ्रमण करती हुई बड़ा जैन मंदिर पहुंची। बड़े जैन मंदिर जी में भगवान महावीर स्वामी को पाण्डुक शिला पर विराजमान कर जलाभिषेक किए गए। स्वर्ण कलशों द्वारा जैसे ही जल धारा प्रभु के मस्तक पर आई, वैसे ही सम्पूर्ण जन समुदाय महावीर स्वामी की जय जयकार करने लगा।

भगवान महावीर स्वामी शोभा यात्रा के आकर्षण

शोभा यात्रा में अधिकांशतः साधर्मी बंधु सफेद वस्त्र एवं महिलाएं केशरिया परिधान में दिख रही थीं। जैन मित्र मंडल के एक सैकड़ा से अधिक सदस्य सिर पर केसरिया स्वाफा पगड़ी, गले में सुंदर बैज लगाकर सफेद परिधान में सभी के आकर्षण का केंद्र रहे। मित्र मंडल के सभी सदस्य भक्तिपूर्ण नृत्य के साथ साथ भगवान महावीर के जयकारे लगा रहे थे। जैन संस्कृत विद्यालय एवं स्वस्ति भूषण जैन स्कूल के बच्चों द्वारा संचालित बैंड सभी के आकर्षण का केंद्र रहा। विद्यालय के प्राचार्य पंडित चक्रेश शास्त्री के नेतृत्व में सभी छात्र विभिन्न वाद्ययंत्रों का वादन करते हुए प्रभु भक्ति में लीन होकर चल रहे थे।

शोभा यात्रा की हुई अगवानी

जब रथ पर सवार होकर भगवान महावीर स्वामी नगर भ्रमण कर रहे थे, तब पूरे शहर में विभिन्न स्थानों पर आरती उतार कर लोगों ने अगवानी की।

अग्रसेन पार्क में अग्रवाल महासभा के नेतृत्व में अग्र बंधुओं ने भगवान महावीर की आरती कर, सभी का शीतल पेय, ठंडाई आदि के द्वारा स्वागत सम्मान किया। चंद्र प्रभु जिनालय, जीवाजी गंज, लोहिया बाजार, बड़ा जैन मंदिर पर भी साधर्मी बंधुओं ने शोभायात्रा में चल रहे बंधुओं की अगवानी की।

डीजे की धुन पर नाचे युवा

शोभायात्रा में जैन भजनों को गुंजायमान करता हुआ डीजे चल रहा था। भक्तिमय भजनों पर युवा मंडल के कार्यकर्ता एवं बालिका मंडल की बालिकाएं खूब नृत्य कर रहे थे। महिला मंडल की महिलाएं अपने विशेष परिधान में जैन भजन गाती हुई चल रही थीं।

भगवान के रथ को स्वय खींच रहे थे युवा

जस रथ पर भगवान महावीर स्वामी विराजमान होकर नगर भ्रमण कर रहे थे उसे कोई और नहीं, बल्कि स्वयं युवा साथी अपने हाथों से खींच रहे थे। अपने हाथों से रथ को खींच रहे युवा साथी सभी के आकर्षण का केंद्र बने हुए थे। लगभग एक किमी लंबी शोभायात्रा को बड़ा जैन मंदिर पहुंचने में लगभग 5 घंटे का समय लगा। बड़े जैन मंदिर जी में कलशाभिषेक के पश्चात सभी बंधुवर सामूहिक वात्सल्य भोज में सम्मिलित हुए।

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