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जैन समाज के बच्चों को साधु-साध्वियों का मिला सान्निध्य : श्रेष्ठ संस्कारों से जुड़ने के लिए बाल पदयात्रा ने रचा इतिहास 


जैन समाज के बच्चे सुसंस्कारित हों। उन्हें श्रेष्ठ संस्कार मिलें। वे मित व्ययी बनें और अधिकांश समय वे सेवा कार्यों में लगाएं। इस उद्देश्य से रविवार को तिलकनगर स्थिति तिलकेश्वर पार्श्वनाथ मंदिर से स्कूली बच्चों की पदयात्रा निकाली गई। इंदौर से पढ़िए, यह संकलित और साभार खबर….


इंदौर। जैन समाज के बच्चे सुसंस्कारित हों। उन्हें श्रेष्ठ संस्कार मिलें। वे मित व्ययी बनें और अधिकांश समय वे सेवा कार्यों में लगाएं। इस उद्देश्य से रविवार को तिलकनगर स्थिति तिलकेश्वर पार्श्वनाथ मंदिर से स्कूली बच्चों की पदयात्रा निकाली गई। इसमें उनके साथ दादा-दादी, नाना-नानी, चाचा-चाची और अन्य परिजन सजेधजे परिधानों में शामिल हुए। आचार्यश्री नयचंद्रसागर जी महाराज एवं गणिवर्यश्री अजीतचंद्रसागर जी महाराज सहित 20 से अधिक साधु-साध्वियों ने पदयात्रा में शामिल होकर बच्चों का हौसला बढ़ाया। बच्चों ने संतों की निश्राा में श्रेष्ठ संस्कारों से जुड़ने, दीपोत्सव पर्व की खुशियों को अपने आसपास की झुग्गी-बस्तियों और जरूरतमंद बच्चों तक पहुंचाने, मोबाइल का कम से कम उपयोग करने और अपनी पॉकेट मनी से मायूस चेहरों की खुशियों लौटाने के संकल्प लिए। आदेश्वर जैन मंदिर में बालिकाओं का दूध-पानी और गुलाब जल के मिश्रण से पाद प्रक्षालन किया गया।

झांकियों ने मन मोह लिया 

पदयात्रा तिलकनगर मेनरोड, रविंद्रनगर, पलासिया चौराहा, एमजी रोड, रीगल तिराहा, जिला न्यायालय, राम प्याउ चौराहा, कृष्णपुरा, राजबाड़ा चौक होते हुए पीपली बाजार पहुंची, जहां सभी जैन श्री संघों की ओर से बच्चों और आयोजकों का स्वागत किया गया। पदयात्रा में शामिल बच्चे साफा बांधे, सूट-बूट पहनकर विंटेज कार, बग्घी और खुले वाहनों में सवार थे। यात्रा में मुंबई का बैंड दल और पांच तीर्थ स्थलों की झांकियों ने सभी का मनमोह लिया।

बच्चों ने धर्म स्थलों के दर्शन किए

पदयात्रा मार्ग में बच्चों और पदयात्रियों ने नागेश्वर पार्श्वनाथ, जीरावाला पार्श्वनाथ मंदिर, नाकोड़ा पार्श्वनाथ, अंतरिक्ष पार्श्वनाथ मंदिर तथा पार्श्वनाथ मंदिर के दर्शन किए। यात्रा संयोजक सोनल कोठारी, साधना जैन, विकास जैन, शिल्पा जैन ने यात्रा का मार्गदर्शन किया। सभी समूहों के लिए संघ पति बनाए गए थे। जिन्हें बच्चों का मार्गदर्शन करने का जिम्मा सौंपा गया था। गणिवर्य कीर्ति रत्नसागर जी महाराज ने इस अवसर पर आशीर्वचन देते हुए संबोधित किया। इस अवसर पर समाजसेवी देवेंद्र जवेरी, दिलीप भाई शाह, अक्षय सुराना, दिलीप मंडोवरा, विकास जैन सहित सभी सहयोगियों का भी बहुमान किया गया।

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