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पीठ (सीमलवाड़ा) में पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव: भगवान महावीर के सिद्धान्तों को नई पीढ़ी भी अपने जीवन में उतारे – मुख्यमंत्री अशोक गहलोत 


राष्ट्रपिता महात्मा गांधीजी ने भी महावीर जी के सिद्धान्तों को जीवन में उतारा और दुनिया को अहिंसा का संदेश दिया। सत्य और अहिंसा का लोहा सारी दुनिया ने माना है। पीठ कस्बे के जैन मंदिर के पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने यह विचार रखे। पढ़िए एक रिपोर्ट…


डूंगरपुर। देश को भगवान महावीर के बताए संदेश को अपनाकर सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलने की आवश्यकता है। इसी से ही मानव कल्याण होगा। राष्ट्रपिता महात्मा गांधीजी ने भी महावीर जी के सिद्धान्तों को जीवन में उतारा और दुनिया को अहिंसा का संदेश दिया। उनके जन्मदिवस पर अन्तरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस मनाने की घोषणा हुई। सत्य और अहिंसा का लोहा सारी दुनिया ने माना है। हमें आने वाली पीढ़ी को इसी तरह के संस्कार देने होंगे ताकि यह नई पीढ़ी भी भगवान महावीर के सिद्धान्तों को अपने जीवन में उतारे। यह कहना है मुख्यमंत्री अशाेक गहलोत का। वे पीठ(सीमलवाड़ा) के राउमावि खेल मैदान में जैन मंदिर के पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में शामिल हुए। उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश में खुशहाली के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने नवनिर्मित मंदिर का अवलोकन करते हुए व्यवस्थाओं की सराहना की। उन्होंने जैन मुनि आज्ञासागर महाराज का आशीर्वाद लिया। साथ ही, आचार्य कनक नंदी द्वारा लिखित जैन धर्मशास्त्र का विमोचन भी किया। गहलोत ने कहा कि उन्होंने भी अपनी प्रारंभिक शिक्षा जैन स्कूल में ली। वहां मिले शांति और अहिंसा के पाठ को मैंने जीवन में अपनाया और आगे बढ़ा। गहलोत ने कहा कि शांति एवं अहिंसा के सिद्धान्त को मान्यता देते हुए संयुक्त राष्ट्र संघ ने महात्मा गांधी जयंती को अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाने का फैसला लिया।

जीवदया का संदेश भी दिया

किसी भी धार्मिक स्थल पर जाता हूं तो पूरे ब्रह्माण्ड के प्राणीमात्र के कल्याण की प्रार्थना करता हूं। उससे मुझे सुकून मिलता है। मेरे प्रार्थना में सभी बातें आ जाती हैं। जैन समाज भी जीव दया का संदेश देता है। दिनेश खोड़निया जैन समाज के बड़े रत्न हैं। उन पर हमें गर्व है। कांग्रेस में भी इनका मान-सम्मान उच्च कोटि का है। सम्मेदशिखरजी का मुद्दा जब खड़ा हुआ था, तब भी हमारी भावनाएं आपके साथ थीं। मैंने स्वयं ने इस संबंध में झारखंड के मुख्यमंत्री से टेलीफोनिक वार्ता की। उन्हें सम्मेदशिखरजी को लेकर प्रदेश के जैन समाज की भावनाओं से अवगत कराया था।

सत्य ही ईश्वर है
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस अवसर पर कहा कि जैसा कि महात्मा गांधी ने कहा था कि सत्य ही ईश्वर है और ईश्वर ही सत्य है। सदियों से जैन समाज सत्य और अहिंसा के पथ पर अग्रसर रहा है। आपको बता दें कि मुनि श्री आज्ञासागर महाराज के सानिध्य में पीठ कस्बे के जैन मंदिर में पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव की शुरुआत हुई है।

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