फैंसी बाजार के भगवान महावीर धर्मस्थल में चातुर्मासिक प्रवचन में आज सोमवार को आचार्य श्री प्रमुख सागर महाराज ने धर्मसभा में संबोधित करते हुए कहा कि ऊपर जिसका अंत नहीं उसे आसमां कहते है, जहां में जिसका अंत नहीं उसे मां कहते हैं। माता पिता केवल क्रिया मात्र नहीं है कि सुबह उठकर चरण छू आए, इसके पीछे रहस्य छिपा हुआ है। पढ़िए सुनील कुमार सेठी…
गुवाहाटी। फैंसी बाजार के भगवान महावीर धर्मस्थल में चातुर्मासिक प्रवचन में आज सोमवार को आचार्य श्री प्रमुख सागर महाराज ने धर्मसभा में संबोधित करते हुए कहा कि ऊपर जिसका अंत नहीं उसे आसमां कहते है, जहां में जिसका अंत नहीं उसे मां कहते हैं। माता पिता केवल क्रिया मात्र नहीं है कि सुबह उठकर चरण छू आए, इसके पीछे रहस्य छिपा हुआ है। जो सुबह उठकर अपने माता-पिता के चरण स्पर्श करता है, उनके परिणाम में निर्मलता आ जाती है और निर्मल परिणाम से दिया गया शुभाशीष आपके पूरे दिन भर के लिए फलीभूत होता है।

आचार्य श्री ने कहा कि मां-पिता की आंखों में आंसू दो बार आते हैं। एक बार लड़की घर छोड़े तब, दूसरी बार लड़का मुंह मोड़े तब। याद रखना जिस दिन तुम्हारे कारण मां-पिता की आंखों में आंसू आते हैं उस दिन तुम्हारे द्वारा किया गया सारा धर्म खराब हो जाता है। तुम अगर घर की मां को रुलाए और मंदिर की मां को चादर चढ़ाए तो मंदिर की मां तुम पर खुश नहीं होगी खफा होगी।
इसलिए लिए याद रखना दुनिया में सबसे बड़ी पूजा माता पिता की सेवा है। इससे पूर्व आज श्रीजी की शांतिधारा करने का परम सौभाग्य सौभाग्यचंद-इंदु देवी गंगवाल परिवार गुवाहाटी को प्राप्त हुआ। यह जानकारी समाज के प्रचार प्रसार विभाग के मुख्य संयोजक ओम प्रकाश सेठी एवं सहसंयोजक सुनील कुमार सेठी ने दी।













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