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पट्टाचार्य विशुद्ध सागर जी का पथरिया में चातुर्मास : पट्टाचार्य पद ग्रहण के बाद पहला चातुर्मास


आचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज वर्ष 2025 का चातुर्मास अपने समाधिस्थ दीक्षा गुरु गणाचार्य विराग सागर जी की जन्मभूमि पथरिया में करेंगे। पट्टाचार्य पद ग्रहण करने के बाद यह उनका पहला चतुर्मास होगा। इंदौर से पढ़िए, यह खबर...


इंदौर। हाल ही में पट्टाचार्य पद ग्रहण करने के बाद आचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज वर्ष 2025 का चातुर्मास अपने समाधिस्थ दीक्षा गुरु गणाचार्य विराग सागर जी की जन्मभूमि पथरिया में उनकी ही प्रेरणा एवं आशीर्वाद से नव निर्मित विरागोदय तीर्थ में चातुर्मास स्थापित करेंगे। आचार्य श्री का यह 34 वां चातुर्मास है लेकिन, पट्टाचार्य पद से सुशोभित होने के बाद पथरिया में यह उनका पहला चातुर्मास है। पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज सागर से ससंघ(25 पिच्छिका) पद विहार करते हुए 2 जुलाई बुधवार को पथरिया एवं 5 जुलाई को विरागोदय तीर्थ पथरिया में मंगल प्रवेश करेंगे।

राजेश जैन दद्दू ने बताया कि यहां चातुर्मास मंगल कलश स्थापना के पूर्व 10 जुलाई को आचार्य श्री के सानिध्य में गुरु पूर्णिमा महोत्सव एवं 11 जुलाई को वीर शासन जयंती मनाई जाएगी एवं शनिवार 12 जुलाई को दोपहर में विराग विशुद्ध चातुर्मास मंगल कलश की स्थापना विधि विधान के साथ होगी। समारोह में देशभर से हजारों की संख्या में श्रद्धालु पथरिया पहुंचेंगे। इंदौर से भी बड़ी संख्या में गुरु भक्त चातुर्मास मंगल कलश स्थापना में पहुंचेंगे।

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Shreephal Jain News

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