समाचार

बुंदेलखंड के अति प्राचीन जैन तीर्थ क्षेत्र बंधा जी में होगा कार्यक्रम : पंच मुनिराजों की चातुर्मास मंगल कलश स्थापना का कार्यक्रम रविवार को


अति प्राचीन जैन तीर्थ क्षेत्र बंधा जी में आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के मंगल आशीष से पंच ऋषिराजों एवं क्षुल्लक जी महाराज का मंगलमय चातुर्मास कलश स्थापना कार्यक्रम रविवार को होगा। आयोजन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पढ़िए राजीव सिंघाई की रिपोर्ट…


बंधा जी (बुंदेलखंड)। अति प्राचीन जैन तीर्थ क्षेत्र बंधा जी में आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के मंगल आशीष से पंच ऋषिराजों एवं क्षुल्लक जी महाराज का मंगलमय चातुर्मास कलश स्थापना कार्यक्रम रविवार को होगा। चातुर्मास कमेटी के अनोज जैन, कमलेश जैन, बल्ले जैन ने बताया कि आयोजन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मुनि श्री विनम्र सागर जी ससंघ पिछले 4 माह से बंधा जी में विराजमान हैं। मुनि श्री विनम्र सागर जी के साथ मुनि श्री निस्वार्थ सागर जी, मुनि श्री निर्मद सागर जी, मुनि श्री निसर्ग सागर जी, मुनि श्री श्रवण सागर जी एवं क्षुल्लक श्री 105 हीरक सागर जी महाराज का चातुर्मास पहली बार अतिशय क्षेत्र बंधा जी की पावन धरा पर हो रहा है। मुनि विनम्र सागर ने शनिवार को भक्तों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि जो ज्ञान और दर्शन के नायक होते हैं, वे चारित्र रूपी समुद्र के समान गंभीर होते हैं। मुनि श्री ने कहा कि हमारा परम सौभाग्य है कि हम ऐसे कलिकाल में पैदा हुए हैं। जहां आचार्य भगवन विद्यासागर जी महामुनि राज का परम आशीष हम लोगों को प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति चातुर्मास मंगल कलश की स्थापना करता है, वह कलश र्रिद्धि सिद्धि मंत्रों के द्वारा मंत्रित होता है। चातुर्मास पूरा होने पर कलश को उस भक्त को दिया जाता है, जिसने कलश की स्थापना की है। चातुर्मास कलश जिस व्यक्ति के घर में जाता है, उनके घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।

ये होंगे कार्यक्रम

रविवार को प्रातः 8:00 बजे मंदिर में श्रीजी का अभिषेक, शांतिधारा एवं पूजन कार्यक्रम होगा। प्रदीप जैन बम्होरी ने बताया कि दोपहर 1:30 बजे मुनि संघ  वेदी प्रांगण स्थित आचार्य विद्यासागर रजत सभागार पहुंचेंगे, जहां चातुर्मास कलश स्थापना का कार्यक्रम होगा। बुंदेलखंड सहित अनेक राज्यों से हजारों भक्त इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
1
+1
0
+1
2
Shreephal Jain News

About the author

Shreephal Jain News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page