समाचार

धर्मसभा में दिए प्रवचन : चतुर्मास धर्म अराधना का महापर्व है 


 इस समय तीर्थ यात्रा में जाना भी पाप है क्योंकि आवागमन में हिंसा की प्रबल संभावना है इसीलिए संत चार महीने में एक स्थान पर रहकर धर्म आराधना करते हैं। जो आत्मा को समय दे वही समय सार है, बाकी सब बेकार है। यह प्रवचन परम पूज्य 108 मुनि श्री भूत बली सागर जी महाराज के शिष्य मोन सागर जी महाराज, मुनिसागरजी महाराज ने नेमीनगर (जैन कालोनी) में आयोजित चतुर्मास में रविवार को दिए। पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट…


इंदौर। वर्षायोग में हम धर्म आराधना करते हैं। इस समय विभिन्न स्थितियां होती हैं। चरित्र संबंधी स्थितियां होने पर उसमें विशेष अनुष्ठान एवं व्रत उपवास करना चाहिए। पवित्रता को प्राप्त करने के लिए पाप को शमन करने के लिए मन को पावन करने के लिए स्थितियों का लाभ उठाना चाहिए हमारा उद्देश्य अहिंसा को बढ़ावा देने का है। इस समय तीर्थ यात्रा में जाना भी पाप है क्योंकि आवागमन में हिंसा की प्रबल संभावना है इसीलिए संत चार महीने में एक स्थान पर रहकर धर्म आराधना करते हैं। जो आत्मा को समय दे वही समय सार है, बाकी सब बेकार है।

यह प्रवचन परम पूज्य 108 मुनि श्री भूत बली सागर जी महाराज के शिष्य मोन सागर जी महाराज मुनिसागरजी महाराज ने नेमीनगर (जैन कालोनी) में आयोजित चतुर्मास में रविवार को दिए। नेमी नगर जैन कालोनी अध्यक्ष कैलाश लुहाड़िया एवं गिरिश पटौदी ने बताया कि इस अवसर पर मुक्ति सागर जी महाराज नेमीनगर (जैन कालोनी) में ससंघ विराजमान हैं। प्रारंभ में मंगलाचरण नलखेड़ा से पधारी बच्चियों ने किया। दीप प्रज्वलन शैलेश अजमेरा, गिरीश काला, कैलाश लुहाड़िया, गिरीश पटौदी ने किया। गुरुवर का पाद प्रक्षालन समस्त पधारे हुए अतिथियों के द्वारा के एवं मातृ शक्ति द्वारा मां जिनवाणी भेंट की गई।

इस अवसर पर पूज्य भूत बलि सागर जी का संगीतमय पूजन किरण बड़जात्या, सपना जैन एवं परम विदुषी ब्रह्मचारी मंजुला दीदी के माध्यम से संपन्न हुआ। इस अवसर पर डीएससी महेश जैन, महेंद्र गंगवाल गुरु चरणों मे उपस्थित हुए। बाहुबली पंड्या द्वारा सम्पादित सन्मति वाणी का विमोचन भी किया गया। संचालन गिरीश पटौदी एवं गिरीश काला ने किया। आभार समाज अध्यक्ष कैलाश लुहाड़िया ने माना।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
1
+1
0
+1
0
Shreephal Jain News

About the author

Shreephal Jain News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page