भगवान शांतिनाथ तीर्थ भोपावर तक निकली चैत्यपरिपाटी पदयात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। आचार्यश्री जयचंदसूरीश्वर जी और आचार्य श्री दिव्यानंद सूरीश्वर जी की निश्रा में शुक्रवार को सुबह 6 बजे भगवान आदिनाथ मंदिर मोहनखेड़ा से यह 13 किमी लंबी पदयात्रा आरंभ हुई। जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने करीब ढाई घंटे में सफर पूरा किया। धार से पढ़िए, साभार यह खबर…
धार /राजगढ़। भगवान शांतिनाथ तीर्थ भोपावर तक निकली चैत्यपरिपाटी पदयात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। आचार्यश्री जयचंदसूरीश्वर जी और आचार्य श्री दिव्यानंद सूरीश्वर जी की निश्रा में शुक्रवार को सुबह 6 बजे भगवान आदिनाथ मंदिर मोहनखेड़ा से यह 13 किमी लंबी पदयात्रा आरंभ हुई। जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने करीब ढाई घंटे में सफर पूरा किया। सुबह साढ़े 8 बजे भगवान शांतिनाथ मंदिर भोपावर पहुंचे। तीर्थ पर पहुंचने पर लाभार्थी राजळबाई वागमल बाफना परिवार (जोलाना) ने अक्षत गहुली कर आचार्यश्री की मंगल अगवानी की। यात्रियों के लिए नवकारसी (नाश्ता) की व्यवस्था की। दोपहर में आचार्यश्री के प्रवचन हुए। इसी अवसर पर लाभार्थी महेश बाफना (जोलाना) ने आचार्यश्री के समक्ष 50 गुना 60 आकार का जोलाना में स्थित पैतृक मकान साधु-संतों के लिए उपाश्रय बनाने के लिए दान किया।
इसमें उनके बड़े भाई विजय, विमल, तथा बहन चंदा और मंजू ने सहमति प्रदान की। इस दौरान दीक्षार्थी बहनें मुमुक्षु धारा मदनलाल लुक्कड़, मुमुक्षु भूमि मदनलाल लुक्कड़ को भोपावर तीर्थ में आचार्यश्री ने 28 जनवरी 2026 को मणिलक्ष्मी तीर्थ में दीक्षा का मुहूर्त प्रदान किया। दोनों बनों ने अपना जीवन साध्वी दर्शनज्ञानचरित्ररत्ना श्रीजी को समर्पित किया।













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