नवागढ़ अतिशय क्षेत्र में शताब्दी पुरुष तेजी राम का जन्म महोत्सव समाज और परिजनों की उपस्थिति में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर अभिषेक, शांति धारा और विधान के साथ समाजजनों ने उन्हें नवागढ़ का इतिहास पुरुष बताया। पढ़िए मनोज जैन नायक की खास रिपोर्ट…
नवागढ़। प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़ का अन्वेषण 9 अप्रैल 1959 को पंडित गुलाबचंद्र जी पुष्प, स्वरूप पठया सहित कई श्रावकों के अथक प्रयास से हुआ था। यहां भगवान अरनाथ स्वामी की अद्वितीय कायोत्सर्ग मुद्रा प्रतिमा प्राप्त हुई। 1959 से लेकर आज तक के विकास कार्यों में श्रावक रत्न तेजी राम पठया मैनवार का योगदान सदैव अग्रणी रहा। समाज सेवा, कर्मठता और आस्था के बल पर उन्होंने अपने परिवार व क्षेत्र को गौरवान्वित किया। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी अपने पुत्रों को उच्च शिक्षा दिलाई और पुत्रियों के विवाह संपन्न कर दायित्व निभाए।
कुशाग्र बुद्धि और कर्मठता के लिए प्रसिद्ध
तेजी राम जी का जन्म 1925 में हुआ था। बचपन से ही वे कुशाग्र बुद्धि और कर्मठता के लिए प्रसिद्ध रहे। पत्नी श्रीमती राजरानी के साथ गृहस्थ जीवन में भी वे आदर्श बने। नवागढ़ में विकास कार्यों और चातुर्मास व्यवस्था में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही। शताब्दी महोत्सव पर परिजनों ने क्षेत्रीय समाज के साथ भगवान अरनाथ स्वामी के समक्ष अभिषेक, शांति धारा एवं विधान संपन्न किए। सभी ने उन्हें शताब्दी पुरुष और इतिहास पुरुष की उपाधि दी। इस अवसर पर पंडित दिनेश दिवाकर, ब्रह्मचारी जयकुमार निशांत भैया जी सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे। समिति व गुरुकुलम द्वारा पगड़ी, शॉल और अंग वस्त्र से सम्मानित किया गया। अंत में पठया परिवार ने अतिथियों का आतिथ्य कर जन्मोत्सव को गरिमा प्रदान की।













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