स्थानीय दिगंबर जैन मंदिर और प्राचीन मंदिर बिखरोन में 20 वें तीर्थंकर भगवान मुनिसुव्रतनाथ जी के मोक्ष कल्याणक मनाया गया। इस अवसर पर प्रातः से श्रद्धालुओं का मंदिर में तांता लग गया। इस मौके पर नित्य अभिषेक, शांतिधारा और पूजन के बाद निर्वाण कांड का सामूहिक पाठ हुआ। धामनोद से पढ़िए, दीपक प्रधान की यह खबर…
धामनोद। स्थानीय दिगंबर जैन मंदिर और प्राचीन मंदिर बिखरोन में 20 वें तीर्थंकर भगवान मुनिसुव्रतनाथ जी के मोक्ष कल्याणक मनाया गया। इस अवसर पर प्रातः से श्रद्धालुओं का मंदिर में तांता लग गया। इस मौके पर नित्य अभिषेक, शांतिधारा और पूजन के बाद निर्वाण कांड का सामूहिक पाठ हुआ। उसके बाद सभी श्रावक-श्राविकाएं अपने-अपने घर से शुद्ध प्रासुक जल से निर्मित शुद्ध भावना भा कर लाडू का निर्माण कर लाए थे। उन्हें दीप प्रज्वलित कर आरती की और सम्मेद शिखर जी की निर्जर कूट की भावनाएं भा कर प्रभु मुनिसुव्रतनाथ जी के चरणों में अर्पित किए। इस अवसर पर भगवान से प्रार्थना की गई कि प्रभुजी आपने अपने धातयों कर्मों का नाशकर मोक्ष रूपी लक्ष्मी पाई है, ऐसा हमारा भी वह दिन आ जाए। हमें भी इस संसार से आना-जाना बंद हो जाए। इस अवसर पर प्रमिला सुरेशचंद जैन परिवार ने मंदिर जी के लिए द्रव्य सामग्री रखने की घोषणा की। सभी उपस्थित महानुभावों ने शनिवार को तप और साधना का नियम भी लिया। इस दौरान अनिल जैन, राजेश जैन, पारस जैन, नरेंद्र जैन, पीयूष जैन, अजय जैन, सुनील जैन, डॉ. प्रकाश कियावत, नरेंद्र महान, जिनेंद्र जैन, सोमा जैन, पूर्णिमा जैन, मीना प्रधान, मीना कांटा बड़कुल, शोभा जैन, प्रीति जैन, उषा जैन आदि उपस्थित थे।













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