दिगंबर जैन मंदिर में दिगंबर जैन समाज द्वारा प्रातः भगवान के पांडुक शिला पर अभिषेक, शांतिधारा और पूजन की गई। धामनोद सर पढ़िए, दीपक प्रधान की यह खबर…
धामनोद। प्रथम तीर्थंकर एवं जैन धर्म के प्रवर्तक भगवान आदिनाथ का चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की नवमी को जन्म अयोध्या नगरी के राजा नाभिराय के यहां हुआ था। इसी उपलक्ष्य में दिगंबर जैन मंदिर में दिगंबर जैन समाज द्वारा प्रातः भगवान के पांडुक शिला पर अभिषेक, शांतिधारा और पूजन की गई। साथ ही महिला मंडल द्वारा बड़े ही भक्ति भाव से तीर्थंकर आदिनाथ विधान, पूजन किया गया। शाम को मंदिर जी में भगवान की आरती हुई एवं भक्तामर का पाठ किया गया। जिसमें आचार्य मानतुंग ने भगवान आदिनाथ के प्रति समर्पण का गुणगान किया है। इस पाठ को रोजाना शुद्ध भाव से करने से सुख,शांति,समृद्धि,आरोग्यता और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। साथ ही समाज के कुछ युवा वर्ग पैदल सिद्ध क्षेत्र बावनगजा जी के दर्शनार्थ पहुंचे और वहां विराजित 84 फिट उत्तुंग भगवान आदिनाथ के दर्शन और पूजन,अभिषेक कर पुण्य अर्जित किया। इस अवसर पर समाज के महिला,पुरुष,युवा,बच्चे बड़े उत्साह के साथ उपस्थित रहे।













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