Category - जैन संस्कार

जैन संस्कार समाचार

श्रावक की 53 क्रियाएं 6 जानिए गर्भान्वय की दीक्षाद्य क्रिया से योग निर्वाण साधन क्रिया तक : अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर महाराज की कलम से  

श्रीफल जैन न्यूज़ आपके लिए लाया है जैन संस्कार क्रियाओं का अर्थ और उन्हें पूरा करने के विधि-विधान। जैन शास्त्र कहते है कि जैन संस्कृति से जुड़ी 53 क्रियाओं के...

जैन संस्कार समाचार

श्रावक की 53 क्रियाएं 5 जानिए गर्भान्वय की व्रतचर्या क्रिया से गृह त्याग क्रिया तक : अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर महाराज की कलम से  

श्रीफल जैन न्यूज़ आपके लिए लाया है जैन संस्कार क्रियाओं का अर्थ और उन्हें पूरा करने के विधि-विधान। जैन शास्त्र कहते है कि जैन संस्कृति से जुड़ी 53 क्रियाओं के...

जैन संस्कार समाचार

श्रावक की 53 क्रियाएं 4 जैन संस्कृति से जुड़ी क्रियाओं के पालन से श्रावक, परमत्व को प्राप्त हो सकता है : जानिए, उन क्रियाओं के बारे में, जिनका होना है अनिवार्य

श्रीफल जैन न्यूज़ आपके लिए लाया है जैन संस्कार क्रियाओं का अर्थ और उन्हें पूरा करने के विधि-विधान। जैन शास्त्र कहते है कि जैन संस्कृति से जुड़ी 53 क्रियाओं के...

जैन संस्कार

श्रावक की 53 क्रियाएं 3 जन्म से लेकर निर्वाण प्राप्ति तक संस्कार ही हैं अहम : कर्त्रन्वय क्रियाएं मानी गईं उत्कृष्ट

श्रीफल जैन न्यूज में इस अंक में हम बात करेंगे संस्कारों के बारे में। संस्कार, जिनके बिना जीवन के मायने नहीं है। जैन धर्म में संस्कारों को अहम स्थान है। जैन...

जैन संस्कार

जानिए, उन क्रियाओं के बारे में, जिनका होना है अनिवार्य

श्रीफल जैन न्यूज़ आपके लिए लाया है जैन संस्कार क्रियाओं का अर्थ और उन्हें पूरा करने के विधि-विधान । जैन शास्त्र कहते हैं कि जैन संस्कृति से जुड़ी 53 क्रियाओं...

जैन संस्कार

श्रावक की 53 क्रियाएं 1 अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर महाराज की कलम से :जानिए गर्भ से निर्वाण तक श्रावक की 53 क्रियाएं

सारांश जैन संस्कृति और धर्म शास्त्रों में उल्लेखित है कि अगर नियम पूर्वक 53 क्रियाओं का पालन करें तो श्रावक परमात्मा बन सकता है । परम तत्व को प्राप्त करने के...

जैन संस्कार

उपनयन के बिना श्रावक पूजन,अभिषेक,आहार का अधिकारी नहीं …

सारांश जैन संस्कृति में उपनयन संस्कारों की महिमा अपरंपार है । उपनयन संस्कार के बिना श्रावकों को पूजन,अभिषेक और आहार का अधिकार नहीं है। जनेऊ को संस्कृत में...

You cannot copy content of this page