Category - राजस्थान के संत

राजस्थान के संत समाचार

दोहों का रहस्य -53 बाहरी सुख-सुविधाओं या प्राकृतिक तत्वों से मिलने वाली शीतलता क्षणिक होती है : संतों और भक्तिपूर्ण जीवन से मिलने वाली शांति स्थायी और गहरी होती है

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

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राजस्थान के जैन संत 10  संतश्री सुमतिकीर्ति जी ने केवल साहित्य साधना से ही जैन समाज को किया जाग्रतः हिन्दी, संस्कृत, प्राकृत और राजस्थानी के थे प्रकांड विद्वान

जैन धर्म में राजस्थान में संतों और साधुओं ने जहां अपनी तप और साधना के बल पर जन जागृति का अलख जगाया तो कुछ संत ऐसे भी हैं जिन्होंने केवल अपने साहित्य साधना से...

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दोहों का रहस्य -52 दया अहंकार का विषय नहीं है, बल्कि यह प्रेम का स्वाभाविक रूप है : सच्चा धर्म वही है, जिसमें किसी के प्रति भी निर्दयता न हो

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

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राजस्थान के जैन संत 9 साधु जीवन को पूरी तरह निभाते और गृहस्थों को संयमित जीवन का उपदेश देते - भट्टारक श्रीवीरचंदः राजस्थान, गुजरात सहित कई प्रांतों में फैली थी कीर्ति

जैन दर्शन, धर्म और संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाने और इस संप्रदाय की नींव को मजबूत बनाने के लिए राजस्थान की धरती पर जैन संतों ने जन्म लेकर राजस्थान ही नहीं...

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दोहों का रहस्य -51 दया रहित व्यक्ति कठोर, स्वार्थी और क्रूर बन जाता है: सच्चा ज्ञान वही है, जो मनुष्य को दयालु और संवेदनशील बनाए

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

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राजस्थान के जैन संत 8 जैन श्रावकों को सत्य, अहिंसा के साथ सधार्मिक होने का अवसर किया प्रदान - भट्टारक श्री शुभचंद : अपनी प्रतिष्ठा एवं पद का खूब अच्छी तरह से किया सदुपयोग

राजस्थान में जन्मे संत, साधु और मुनियों में से अधिकांश साहित्य प्रेमी, धर्म प्रचारक और शास्त्रों के प्रखर ज्ञाता रहे हैं। इसी के चलते यहां की पुण्य धरती ने...

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दोहों का रहस्य -50 हमारी भक्ति निष्काम और निस्वार्थ होनी चाहिए : भक्ति और माया एक साथ नहीं रह सकते

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

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राजस्थान के जैन संत 7 महाव्रती संतश्री यशोधरजी ने पांच व्रतों को जीवन में उतार दिया : भगवान नेमिनाथ का गीतों में किया गान, राजस्थान की धरती को बनाया महान

जगत के कल्याण के लिए, जैन धर्म की प्रभावना को जन-जन तक पहुंचाने के लिए राजस्थान के जैन संतों ने अपने प्रवचनों से तो जन जागरण किया ही अपनी प्रखर लेखनी से भी...

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दोहों का रहस्य -49 परमात्मा को बाहरी दिखावे से नहीं, बल्कि अंतरात्मा की गहराइयों में खोजें : ईश्वर-भक्ति और आत्मज्ञान ही सच्चे अर्थों में मुक्ति का मार्ग है

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

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राजस्थान के जैन संत 6 शील, सदाचार, सम्यक ज्ञान, सम्यक चारित्र, वैराग्य और तप की बताई महत्ता - आचार्य श्री ब्रहम बूचराज जी नेः साहित्य और काव्य के माध्यम से तप, साधना और संयम का दिया संदेश

राजस्थान की धरती पर संतों ने जन्म लेकर केवल इसी धरती पर नहीं वरन कई-कई प्रांतों में विहार कर आध्यात्मिक चेतना, जीव और भगवान के बीच के संबंध को जानने का धर्म...

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