श्रवणबेलगोला के भगवान बाहुबली की मूर्ति की ऊंचाई – 58.8 फीटपांव की ऊंचाई – 2’8’’पांव की आदि से घुटने तक – 15’2’’पांव की आदि से कमर रेखा तक...
Category - कथा सागर
ऐरावत हाथी एक लाख योजन विस्तार वाला होता है। एक ऐरावत हाथी के 32 मुख होते हैं। एक एक मुख पर चार चार दांत। प्रत्येक दांत पर एक एक तालाब होता है। एक एक तालाब पर...
देवों के द्वारा रचित अशोक वृक्ष आदि को प्रातिहार्य कहते हैं। वे आठ होते हैं-1. अशोक वृक्ष, 2. तीन छत्र, 3. रत्नजड़ित सिंहासन, 4. दिव्यध्वनि, 5. दुन्दुभिवाद्य...
1. अर्धमागधी भाषा-भगवान् की अमृतमयी वाणी सब जीवों के लिए कल्याणकारी होती है तथा मागध जाति के देव उन्हें बारह सभाओं में विस्तृत करते हैं। 2. मैत्रीभाव-प्रत्येक...
1. भगवान् के चारों ओर सौ-सौ योजन (चार कोस का एक योजन,एक कोस में दो मील एवं 1.5 कि.मी. का एक मील) तक सुभिक्षता हो जाती है अर्थात् अकाल आदि नहीं पड़ते हैं। 2...
1. अतिशय सुन्दर शरीर, 2. अत्यन्त सुगंधित शरीर, 3. पसीना रहित शरीर, 4. मल-मूत्र रहित शरीर। 5. हित-मित-प्रिय वचन, 6. अतुल बल, 7. सफेद खून, 8. शरीर में 1008 लक्षण...
आदिकाल से ही हमारे पूर्वज वास्तु के अनुसार भवनों को निर्माण करते रहे हैं। हमारे देश में जितनी भी ऐतिहासिक इमारतें एवं भवन है उन सभी में वास्तु के सिद्धान्तों...
तीर्थंकर के गर्भ में आने से पहले उनकी माता सोलह स्वप्न देखती उन स्वप्नों के नाम और उनका फल आप सब भी जानें। पहला स्वप्न– एक अति विशाल श्वेत हाथी दिखाई...
डूबते हुए सूर्य का दर्शन– यह इस बात का संकेत है कि महावीर के मार्ग को प्रकाशित करने वाला आगम का ज्ञान उत्तरोत्तर अस्त होता हुआ समाप्त होगा। कल्पवृक्ष की...
भारतीय और जैन संस्कृति में साधना, ध्यान, त्याग और संयम को महत्त्व दिया गया है। यह कहा जा सकता है कि इनके बिना भारतीय और जैन संस्कृति की पहचान ही नहीं हो सकती...








