आखिरकार जिसका डर था वही हुआ, 2 सितंबर 2024 को विमल नाथ भगवान की टोंक के पास कैंपिंग का टेंट लगा पाया गया। इन केंपस ने टंग के पास रात भर टेंट लगाया। वहीं उन्होंने दैनिक क्रिया कर क्षेत्र की पवित्रता को खण्डित किया। पढ़िए यह रिपोर्ट…
सम्मेदशिखर जी। आखिरकार जिसका डर था वही हुआ, 2 सितंबर 2024 को विमल नाथ भगवान की टोंक के पास कैंपिंग का टेंट लगा पाया गया। इन केंपस ने टंग के पास रात भर टेंट लगाया। वहीं उन्होंने दैनिक क्रिया कर क्षेत्र की पवित्रता को खण्डित किया। धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने कहा कि इन्हें किसने दी वहां पर टेंट लगाने कि स्वीकृति ये बहुत ही ग़लत है। क्या पवित्रता रह गई शिखरजी की।
झारखंड के झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस की गठबंधन सरकार के छत्रछाया में शिखरजी में उपसर्ग जारी है और जैन समाज के सर्वोच्च सिद्ध क्षेत्र को पर्यटन क्षेत्र बनाने का षड्यंत्र राज्य सरकार और केंद्र सरकार की मिली भगत से हो रहा है। यह कार्य भारतवर्ष जैन समाज केंद्र व राज्य सरकार के इस सपने को पूरा नहीं होने देंगे। पहले झारखंड के मुख्यमंत्री कर बकरों की बलि पहाड़ पर चढ़ाने देते हैं और अब टोकों के पास कैंपिंग टेंट लगने लगे हैं।













Add Comment