अविवाहित प्रतिभाएं प्रस्तुति समूह (एपीपीएस) का तृतीय राष्ट्रीय अधिवेशन 16-17 अगस्त को बुंदेलखंड तीर्थ वंदना के साथ दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र गोलाकोट में आयोजित होगा। पढ़िए मनोज जैन की खास रिपोर्ट…
अविवाहित प्रतिभाएं प्रस्तुति समूह का तृतीय राष्ट्रीय अधिवेशन इस वर्ष धार्मिक और सामाजिक संगम का अद्भुत उदाहरण बनने जा रहा है। एपीपीएस के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी मनोज जैन नायक ने बताया कि 16-17 अगस्त को यह आयोजन बुंदेलखंड तीर्थ वंदना के साथ दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र गोलाकोट (खनियांधाना) में होगा। इस अधिवेशन में संपूर्ण भारतवर्ष से 250 से अधिक क्षेत्रीय संयोजकों की उपस्थिति संभावित है, जिसमें पुरुषों के साथ महिलाओं की भागीदारी पर विशेष ध्यान दिया गया है। पहले दिन शनिवार 16 अगस्त को सभी प्रतिनिधि ललितपुर स्थित श्री क्षेत्रपाल जैन मंदिर में एकत्र होकर पूजन अर्चना करेंगे। इसके बाद बुंदेलखंड जैन तीर्थ यात्रा प्रारंभ होगी, जिसमें श्रीसैरोंनजी, चंदेरी, खंदारगिरी, थूवोनजी, अशोकनगर और पचराई जैसे ऐतिहासिक व आध्यात्मिक स्थलों के दर्शन होंगे। अशोकनगर में प्रतिनिधिगण चातुर्मासरत मुनि श्री सुधासागर जी महाराज के दर्शन व आशीर्वाद प्राप्त करेंगे तथा ‘जिज्ञासा समाधान’ कार्यक्रम में भाग लेकर अपने प्रश्नों का समाधान पाएंगे। रात्रि विश्राम गोलाकोट में होगा।
पूजन और विधान के बाद राष्ट्रीय अधिवेशन का होगा शुभारंभ
दूसरे दिन रविवार 17 अगस्त की सुबह गोलाकोट में जिनेंद्र प्रभु के अभिषेक, शांतिधारा, पूजन और विधान के बाद राष्ट्रीय अधिवेशन का शुभारंभ होगा। इसमें अविवाहित युवाओं के सगाई संबंधों को प्रोत्साहित करने, अखिल भारतीय परिचय पुस्तिका के नए संस्करण के प्रकाशन और जैन परिचय एप के सुधार पर विस्तृत चर्चा होगी। सभी प्रतिनिधियों के आवास, भोजन, परिवहन आदि की संपूर्ण व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की गई हैं। समापन समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रतिनिधियों को सम्मानित किया जाएगा। आयोजन समिति ने प्रत्येक कार्य के लिए अलग-अलग टीमों को जिम्मेदारी सौंपी है, ताकि किसी भी प्रतिनिधि को कोई असुविधा न हो।













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