जैन जगत की सर्वोच्च गणीनी प्रमुख आर्यिका ज्ञानमती माताजी के द्वारा 22 जुलाई 2024 को अयोध्या जी में 6 भावी जैनेश्वरी दीक्षाएं प्रदान की जाएंगी जिसमें सनावद की ब्रह्मचारिणी मधुबाला की सराफ भी जैनेश्वरी दीक्षा ग्रहण करेंगी। पढ़िए संमति जैन विशेष रिपोर्ट..
सनावद। “जीवन के किसी भी पल में वैराग्य उमड़ सकता है” इन सुंदर जैन भजन की पंक्तियों को सनावद नगर की ब्रह्मचारिणी मधुबाला जी सराफ ने इन पंक्तियों को आज चरितार्थ किया है। सन्मति जैन काका ने बताया कि जैन जगत की सर्वोच्च गणीनी प्रमुख आर्यिका ज्ञानमती माताजी के द्वारा 22 जुलाई 2024 को अयोध्या जी में 6 भावी जैनेश्वरी दीक्षाएं प्रदान की जाएंगी जिसमें सनावद की ब्रह्मचारिणी मधुबाला की सराफ भी जैनेश्वरी दीक्षा ग्रहण करेंगी।
इसी अवसर पर आज उन्होंने अपने नगर सनावद में घर का त्याग कर आज वे संयम पद की और अग्रसर हुईं। इस अवसर पर मधुबाला सराफ के द्वारा सर्व प्रथम प्रातः श्री पार्श्वनाथ बड़ा जैन मन्दिर में पंचामृत अभिषेक पूजन किया।
इसके बाद निज निवास के चैत्यालय के दर्शन कर गृह त्याग की विधि कर आप ने शुभ मुहूर्त में गृह त्याग कर आप ने अयोध्या जी के लिए प्रस्थान किया। इस अवसर पर सभी समाज जनों ने आप को माला, श्रीफल देकर भाव पूर्ण विदाई दी।













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