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विहसंतसागर तीर्थधाम का भूमिपूजन शिलान्यास 15 मार्च को: उपाध्यायश्री ने प्रेस वार्ता में पत्रकारों को किया संबोधित


विहर्ष सागर चेरिटेबल ट्रस्ट द्वारा उत्तर प्रदेश में चम्बल के बीहण में जैतपुरा, उदी रोड इटावा में एक विशाल एवं भव्य विहसंतसागर तीर्थधाम के नव निर्माण के लिए 15 मार्च को भूमि पूजन किया जाएगा। यह विचार गणाचार्य विरागसागर महाराज के शिष्य उपाध्याय श्री विहसंतसागरजी महाराज ने बड़े जैन मंदिर में पत्रकार वार्ता में पत्रकारों को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। मुरैना से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर…


मुरैना। जैन साधु आजीवन दिगंबर भेष में रहते हैं। सर्दी, गर्मी, बारिश कोई भी मौसम हो, सभी में समता भाव धारण किए रहते हैं। वे अपने लिए नहीं, बल्कि पर कल्याण की भावना से, मानव सेवा के लिए मंदिर, तीर्थ, धर्मशालाएं, स्कूल, मठ आदि के नवनिर्माण की प्रेरणा देते हैं। इसी पावन उद्देश्य के साथ विहर्ष सागर चेरिटेबल ट्रस्ट द्वारा उत्तर प्रदेश में चम्बल के बीहण में जैतपुरा, उदी रोड इटावा में एक विशाल एवं भव्य विहसंतसागर तीर्थधाम के नव निर्माण के लिए 15 मार्च को भूमि पूजन किया जाएगा। यह विचार गणाचार्य विरागसागर महाराज के शिष्य उपाध्याय श्री विहसंतसागरजी महाराज ने बड़े जैन मंदिर में पत्रकार वार्ता में पत्रकारों को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने बताया कि विहसंत सागर तीर्थ जैन तीर्थंकर भगवान मल्लिनाथ स्वामी को समर्पित होगा। विश्व की प्रथम सवा उन्नीस फिट की भगवान मल्लिनाथ स्वामी की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। 4 बीघा भूखंड पर विहसंत सागर तीर्थधाम का निर्माण होने जा रहा है। भूगर्भ से प्राप्त विशाल एवं भव्यातिभव्य 1800 वर्ष प्राचीन भगवान आदिनाथ स्वामी की अतिशयकारी मूर्ति एक जैसवाल जैन परिवार के भूखंड से प्राप्त हुई है। जिसकी स्थापना की जाएगी।

 125 बसों की स्वीकृतियां प्राप्त

नव निर्माणाधीन विहसंत सागर तीर्थधाम में भगवान मल्लिनाथ जिनालय, त्यागीवृति आश्रम, हॉस्पिटल, आहारशाला, गोशाला, तीर्थंकर वाटिका, गुरुकुल, त्रिकाल चौबीसी मानस्तंभ, ध्यान केंद्र, आश्रय भवन, ऑडिटोरियम, भोजनालय, यात्री निवास आदि का निर्माण किया जाएगा। आगामी 15 मार्च को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी के मुख्य आतिथ्य में होने जा रहे भव्यातिभव्य भूमि पूजन एवं शिलान्यास समारोह में संपूर्ण भारत वर्ष से हजारों की संख्या में साधर्मी बंधु सम्मिलित होंगे। अभी तक विभिन्न स्थानों से 125 बसों की स्वीकृतियां प्राप्त हो चुकीं है।

186वां तीर्थधाम बनाने के लिए जैतपुर को चुना 

उपाध्याय श्री विहसंत सागर महाराज ने बताया कि उत्तर प्रदेश के उदी मोड़, जैतपुर में विहसंत सागर तीर्थधाम का निर्माण कराया जाएगा। धर्मस्थल का निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए 15 मार्च को शिलान्यास का आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम में मुरैना जिले के लोगों की सहभागिता बड़ी संख्या में हो उसके लिए आमंत्रण देने जैनमुनि विहसंत सागरजी महाराज मुरैना आए हैं।

उपाध्याय विहसंत सागरजी महाराज ने कहा कि इस धर्मस्थल को बनाने का निर्णय इसलिए लिया गया, क्योंकि उदीमोड से बटेश्वर जाने के लिए 40 किमी लंबे रास्ते में घना जंगल मिलता है। वहां जाने वाले धर्मावलंबियों के रास्ते में रुकने और उनके आहार की कोई व्यवस्था नहीं थी। जल्द ही विहसंत सागर तीर्थधाम का निर्माण होने से धर्मावलंबियों को वहां रुकने और भोजन की सुविधा मिल सकेगी। अभी तक उन्होंने देश में ऐसे 185 संतधाम बनवा दिए हैं। 186वां तीर्थधाम बनाने के लिए जैतपुर को चुना गया है। इसके लिए चार बीघा जमीन क्रय की जा चुकी है।

पत्रकार बंधुओं का सम्मान किया 

मुनिश्री ने कहा कि जैन संत कदम से चलते हैं और पत्रकार कलम से, इसलिए इस कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार में मीडिया के सहयोग की जरूरत है ताकि विहसंत सागर तीर्थधाम के निर्माण में देश के अन्य प्रांतों के लोगों के साथ मुरैना जिले के लोगों की भागीदारी भी सुनिश्चित हो। पत्रकार वार्ता के समापन पर श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन पंचायती बड़ा मंदिर कमेटी ने सभी उपस्थित पत्रकार बंधुओं का सम्मान किया ।

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