परमपूज्य गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी ससंघ, अयोध्या में विराजमान हैं। देश भर के भक्तों की भक्ति प्रार्थना से माता जी के स्वास्थ्य में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। श्रावक-श्राविकाओं द्वारा मंदिरों में किए गए शांति धारा जाप, महामंत्र और प्रतिक्रमण अनुष्ठानों से माता जी का स्वास्थ्य बेहतर हुआ। पढ़िए राजेंद्र जैन की खास रिपोर्ट…
परमपूज्य गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी ससंघ, अयोध्या (उ.प्र.) में विराजमान हैं। धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि माता जी के स्वास्थ्य में लगातार सुधार हो रहा है। देश भर के भक्तों द्वारा उनके नाम से मंदिरों में शांति धारा जाप, महामंत्र नमन और प्रार्थना अनुष्ठान किए गए। 2 सितंबर, मंगलवार 2025 को उत्तम संयम धुप दशमी पर्व के अवसर पर शाश्वत तीर्थ अयोध्या में माता जी और आर्यिका श्री चंदनामती माताजी मंदिर परिसर में उपस्थित रहे।
दद्दू ने कहा कि ज्ञानमती माताजी जैन धर्म की सबसे प्राचीन दीक्षित साध्वी हैं और सर्वतोमुखी प्रतिभा की धनी हैं। भारत वर्ष के जैन समाज की ओर से माता जी के प्रति त्रिबार वन्दामि: किया गया। श्रावक-श्राविकाओं की प्रार्थना है कि परम वंदनीय गणिनी आर्यिका ज्ञानमती माताजी का पवित्र त्यागमयी जीवन हमें शताब्दी महोत्सव मनाने का सौभाग्य प्रदान करे और माता जी द्वारा रचित नए साहित्य का सृजन सभी श्रावकों को लाभ प्रदान करता रहे।













Add Comment