अयोध्या से गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमती माता जी की प्रेरणा से प्रवर्तित भगवान ऋषभदेव तीर्थ प्रभावना रथ गुरुवार को आगरा के कलाकुंज जैन मंदिर पहुँचा। अनेक राज्यों में भ्रमण के बाद रथ के आगमन पर भव्य स्वागत और शोभायात्रा निकाली गई। पढ़िए शुभम जैन की ख़ास रिपोर्ट…
अयोध्या, जो भगवान ऋषभदेव और पाँच तीर्थंकरों की शाश्वत जन्मभूमि है, से जुलाई माह में गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमती माता जी की प्रेरणा से भगवान ऋषभदेव तीर्थ प्रभावना रथ का प्रवर्तन किया गया। यह रथ राजस्थान, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार, असम, गुजरात, दिल्ली, हरियाणा सहित अनेक राज्यों में भ्रमण करता हुआ वर्तमान में उत्तर प्रदेश पहुँचा है।
गुरुवार को आगरा भ्रमण के अंतर्गत यह रथ मारूति स्टेट स्थित श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर, कलाकुंज पहुँचा। यहाँ समाजजनों ने रथ का भव्य स्वागत किया और नगर में शोभायात्रा निकाली। रथ संचालनकर्ता पंडित अकलंक जैन ने बताया कि इस रथ यात्रा का मुख्य उद्देश्य धर्म की प्राचीनता को जन-जन तक पहुँचाना और अयोध्या में पाँच तीर्थंकरों की जन्मभूमि के विकास कार्य को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि भारत का नाम भगवान ऋषभदेव के पुत्र चक्रवर्ती सम्राट भरत के नाम पर पड़ा और अयोध्या में पाँच भव्य जिन मंदिर तथा विशाल धर्मशाला का निर्माण तीव्र गति से चल रहा है।
इनको मिला सौभाग्य, वातावरण भक्ति और उल्लास से भर गया
इस अवसर पर सौधर्म इन्द्र बनने का सौभाग्य सुरेशचंद दीपक जैन परिवार को, धनकुबेर बनकर रत्नवृष्टि करने का सौभाग्य अजय कुमार जैन परिवार को, भगवान ऋषभदेव की प्रथम आरती का सौभाग्य दीपचंद जैन को और सर्वप्रथम भगवान को झुलाने का सौभाग्य स्वीटी जैन एवं संदीप जैन परिवार को प्राप्त हुआ। कार्यक्रम में मंदिर अध्यक्ष रविन्द्र जैन, मनोज जैन, अजय जैन, मुकेश जैन भगत, आदित्य जैन भगत, संयम जैन भगत, दिव्यांशु जैन, राहुल जैन, शुभम जैन, वीर सेवा महिला मंडल की अध्यक्षा मंजरी जैन, मंत्री स्वीटी जैन, चंचल जैन, वीर चरण सेवक मंडल एवं अवधपुरी मंदिर कमेटी के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। वातावरण भक्ति और उल्लास से भर गया।













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