रविवार को गोयल नगर स्थित श्री दिगंबर 1008 शांतिनाथ मंदिर में अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि व्यक्ति का अच्छा व्यवहार उसका भविष्य बदल सकता है। जिस तरह शेर ने अपना व्यवहार बदला तो वह महावीर बन गया। ज़रुरत पड़ने पर व्यक्ति को अपना व्यवहार बदलना चाहिए, जिससे उसका भविष्य बदल जाता है। पढ़िए रेखा जैन की विशेष रिपोर्ट ।
इंदौर। रविवार को गोयल नगर स्थित श्री दिगंबर 1008 शांतिनाथ मंदिर में अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि व्यक्ति का अच्छा व्यवहार उसका भविष्य बदल सकता है। जिस तरह शेर ने अपना व्यवहार बदला तो वह महावीर बन गया। ज़रुरत पड़ने पर व्यक्ति को अपना व्यवहार बदलना चाहिए, जिससे उसका भविष्य बदल सकता है। कहते है गिरगिट रंग बदलता है उससे कम समय में मनुष्य अपना व्यवहार बदल लेता है। आज हम उसी से बात करना चाहते है जिसका व्यवहार अच्छा, सरल स्वभाव व मृदुभाषी होता है। साथ ही उन्होंने कहा कि मनुष्य तो मर जाता पर उसका व्यवहार करोड़ों भव तक याद रखा जाता है। भगवान राम और रावण तो नहीं रहे पर उनका व्यवहार आज सभी को याद है। राम का नाम सब रखना चाहते है पर कोई भी मनुष्य रावण का नाम रखना नहीं चाहता है। व्यक्ति कितनी ही पूजा पाठ व अभिषेक करें और घर में रोज झगड़ा करें तो उसे कोई पसंद नहीं करेगा, क्योंकि आप का व्यवहार ठीक नहीं। संसार में आज जितने भी काम चल रहे है एक दूसरे से बात कर, सहयोग करके चल रहे है उसमें सब से बड़ा कारण है आप का व्यवहार। व्यवहार के बिना तो इस दुनिया में रहना मुश्किल है।
ये कार्यक्रम भी हुए
कार्यक्रम के दौरान प्रमिला पाटनी ने बताया कि धर्म सभा में मुनि के पाद प्रक्षालन सी.ए. वैभव जैन परिवार द्वारा किया गया। वहीं भगवान की शांतिधारा करने का लाभ सनत पीयूष बाकलीवाल को मिला। शास्त्र भेंट कमलेश कासलीवाल ने कियां। मुनि श्री को अनिल जैन तिलक नगर, वीरेंद्र जैन पंपम भैया, गौतम जैन, सुशील पांड्या, राजेश जैन ने श्रीफल भेट किया। धर्म सभा का संचालन अध्यक्ष दिलीप पाटनी ने किया।














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