इंदौर डेली कॉलेज से उत्तीर्ण और क्रिश्चियन कॉलेज से हायर एज्यूकेशन कर चुके बांसवाड़ा (राजस्थान) के 58 वर्षीय व्यवसायी अशोक मेहता सांसारिक जीवन को त्याग रहे हैं। 5 अक्टूबर को विजयनगर में आचार्य श्री विनम्र सागर जी महाराज के सान्निध्य में उनकी मुनि दीक्षा होगी। समाजजनों ने उनका सम्मान किया और वरघोड़ा निकाला। इंदौर से पढ़िए, यह खबर…साभार स्रोत दैनिक भास्कर…
इंदौर। इंदौर डेली कॉलेज से उत्तीर्ण और क्रिश्चियन कॉलेज से हायर एज्यूकेशन कर चुके बांसवाड़ा (राजस्थान) के 58 वर्षीय व्यवसायी अशोक मेहता सांसारिक जीवन को त्याग रहे हैं। 5 अक्टूबर को विजयनगर में आचार्य श्री विनम्र सागर जी महाराज के सान्निध्य में उनकी मुनि दीक्षा होगी। दीक्षा महोत्सव में इंदौर सहित प्रदेश के विभिन्न शहरों के अलावा राजस्थान और विभिन्न प्रांतों से भी लोग शामिल होंगें मुनि दीक्षा लेने वाले और वैराग्य जीवन की ओर अग्रसर मेहता ने बताया कि उन्होंने जीवन में रुपया भी कमाया, लेकिन हर पल यही लगता था कि दौलत, वैभवशाली जीवन और सांसारिक मोह क्षणिक हैं। इसमें आनंद नहीं है। जीवन में कुछ घटनाएं ऐसी देखी कि इनको देख के लगा कि असली जीवन संयम, साधना और तप में है। वहीं मेहता के साथ ही ऐलक विनमितसागर जी महाराज की भी मुनि दीक्षा होगी। उन्होंने बताया कि परिवार में उनकी पत्नी, बेटा-बहू और दामाद हैं। बेटा एडवोकेट है, जबकि बहू और बेटी दोनों चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं। उन्होंने कहा कि परिवार में सभी लोग उच्च शिक्षित हैं। मेहता ने बताया कि जब वैराग्य के लिए परिवार के लोगों से कहा तो उन्होंने सहर्ष सहमति दे दी।
दीक्षा पूर्व मेहता का किया सम्मान
चातुर्मास समिति के संयोजक राहुल जैन केसरी और डीके जैन ने बताया कि आचार्य श्री विनम्र सागर जी महाराज के सान्निध्य में मुनि दीक्षा लेने वाले अशोक मेहता का पगड़ी और मोतियों की माला पहनाकर सम्मान किया गया। दीक्षार्थी का वरघोड़ा भी विजयनगर में क्षेत्र में निकाला गया। अध्यक्ष धर्मेंद्र जैन ने बताया कि दीक्षा कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर बैठक हुई। इसमें हर्ष जैन, गिरीश जैन गिन्नी, ब्रह्मचारी सुरेश मलैया, प्रदीप शास्त्री आदि उपस्थित थे।













Add Comment