श्री नवागढ़ गुरुकुलम् में जवाहरलाल नेहरू की जयंती उपलक्ष्य में बाल दिवस कार्यक्रम उत्साह, संस्कार और प्रेरणा के साथ मनाया गया। शिक्षकों और छात्रों ने विचार, संस्कार और ज्ञान से भरे संदेश दिए। पढ़िए मनोज नायक की पूरी रिपोर्ट…
श्री अतिशय क्षेत्र नवागढ़ गुरुकुलम् में भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के जन्म दिवस पर बाल दिवस का कार्यक्रम हर्ष, गरिमा और संस्कारपूर्ण वातावरण में मनाया गया। सुबह से ही गुरुकुल परिसर बच्चों की ऊर्जा, उल्लास और सांस्कृतिक माहौल से भर गया। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती और पंडित जवाहरलाल नेहरू जी की प्रतिमा के समक्ष पुष्पांजलि तथा दीप प्रज्वलन से हुई। इसके बाद विद्यार्थियों ने मंगलाचरण प्रस्तुत कर वातावरण को सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया।
विचार अभिव्यक्ति के अंतर्गत कक्षा 8वीं के छात्र अनुपम ने बाल दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला और कहा कि यह दिवस बच्चों की मासूमियत, प्रतिभा और उज्ज्वल भविष्य को समर्पित है। वहीं छात्र अक्षत ने पंडित नेहरू के बच्चों के प्रति स्नेह और ‘चाचा नेहरू’ के रूप में उनकी लोकप्रियता को याद करते हुए ज्ञान, अनुशासन और नैतिक मूल्यों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया।
गुरुकुल के शिक्षकों ने भी बच्चों को प्रेरक विचारों से मार्गदर्शन दिया। शिक्षक संजय जी ने कहा कि बाल दिवस बच्चों की क्षमताओं को उभारने का महत्वपूर्ण अवसर है और हर बच्चा एक अनमोल धरोहर है। शिक्षक विनीत जी ने बच्चों को सपनों को लक्ष्य बनाकर अनुशासनपूर्वक आगे बढ़ने की प्रेरणा दी और नेहरू जी के शिक्षा एवं सत्यनिष्ठा के आदर्शों पर प्रकाश डाला। शिक्षक अनुराग जी ने बाल दिवस को मानसिक, शैक्षणिक और नैतिक उन्नति का पर्व बताया तथा कहा कि प्रत्येक बच्चे में छिपी विशेष प्रतिभाओं को विकसित करना ही शिक्षा का उद्देश्य है। शिक्षिका ब्र. संध्या जी ने जीवन में प्रेम, करुणा, अनुशासन और सम्मान जैसे मूल्यों को अपनाने की बात कही।
बच्चों की मुस्कान, ऊर्जा और प्रेरणा का समन्वय
अंत में शिक्षक अनुराग जी ने सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों और आयोजन समिति के सदस्यों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के उपरांत बच्चों को स्मृति उपहार वितरित किए गए। पूरे आयोजन में बच्चों की मुस्कान, ऊर्जा और प्रेरणा का अद्भुत समन्वय देखने को मिला। बाल दिवस कार्यक्रम उत्साह और सफलता के साथ सम्पन्न हुआ।













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