नगर के युवा संयमी ब्रह्मचारी नमन भैया ने परम पूज्य वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमानसागर जी महाराज के 35 वें आचार्य पदारोहण दिवस (आषाढ़ शुक्ल दूज) के पावन शुभ अवसर बांसवाड़ा, राजस्थान में परम पूज्य गुरुवर से श्रावक के दो प्रतिमा के व्रत ग्रहण कर अपने जीवन को धन्य किया। पढ़िए सन्मति जैन रिपोर्ट..
सनावद। नगर के युवा संयमी ब्रह्मचारी नमन भैया ने परम पूज्य वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमानसागर जी महाराज के 35 वें आचार्य पदारोहण दिवस (आषाढ़ शुक्ल दूज) के पावन शुभ अवसर बांसवाड़ा, राजस्थान में परम पूज्य गुरुवर से श्रावक के दो प्रतिमा के व्रत ग्रहण कर अपने जीवन को धन्य किया।
उनके इन उज्ज्वल भावों की सभी समाज जनों ने अनुमोदना की। सन्मति जैन काका ने बताया कि आप नगर के श्रीकांत प्रिति जटाले पुत्र हैं। आप वर्तमान में सनावद नगर के ही युगल मुनि परम पूज्य मुनि 108 अपूर्व सागर जी एवं मुनि श्री 108 अर्पित सागर जी महाराज के संघ में रह कर धर्म की प्रभावना कर रहे हैं।













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