आचार्य श्री प्रज्ञा सागरजी महाराज एवं आचार्य श्री विनिश्चय सागरजी महाराज का महामिलन कोटा के हाईवे पर देखने को मिला जिसकी साक्षी हाडोती की स्वर्णिम धरा बनी। वहीं बुधवार की प्रातः बेला एक और महा मिलन की साक्षी बनी जब आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज एवं जय कीर्ति महाराज का महामिलन हुआ। कोटा से पढ़िए, अभिषेक जैन लुहाड़िया की यह खबर…
कोटा। हाडोती की स्वर्णिम धरा पर विगत 4 पांच माह से धर्म की अद्भुत गंगा में जनता डुबकी लगा रही थी। विगत दिनों पूर्व आचार्य श्री प्रज्ञा सागरजी महाराज एवं आचार्य श्री विनिश्चय सागरजी महाराज का महामिलन कोटा के हाईवे पर देखने को मिला जिसकी साक्षी हाडोती की स्वर्णिम धरा बनी। वहीं बुधवार की प्रातः बेला एक और महा मिलन की साक्षी बनी जब आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज एवं जय कीर्ति महाराज का महामिलन हुआ। कोटा नगर की तलवंडी इसकी साक्षी बनी। यह महामिलन वात्सल्य का और धर्म की ज्योति का एक पर्याय बना जिसका साक्षी कोटा नगर बना। आचार्य श्री विनिश्चय सागर जी महाराज ससंघ एवं धर्म दिवाकर जय कीर्ति गुरुदेव का भव्य ऐतिहासिक मिलन तलवंडी स्थित कपिल मेडिकल स्टोर के पास हुआ। जिसको देखकर कोटा नगर अपने आप को धन्य मान रहा था जन-जन का मन खुशी से प्रफुल्लित था। आनंद के इन क्षणों में सभी भक्त भाव विह्वल थे।
मंगल अगवानी की एवं उनके पाद प्रक्षालन किया
प्रातः बेला में आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज संघ ने कोटा स्थित महावीर नगर से तलवंडी की ओर विहार किया। इस दौरान आचार्यश्री स्काइलाइन मल्टी परिसर में पहुंचे। जहां एडिशनल एसपी इंटेलिजेंस प्रवीण जैन ने आचार्य श्री का परिवार सहित मंगल आशीर्वाद लिया। जैन आचार्य श्री की अपने आवास पर पहुंचने पर मंगल अगवानी की एवं उनके पाद प्रक्षालन किया। मंगल आरती की एवं अपने आप को धन्य एवं गौरवान्वित माना। उन्होंने इन क्षणों को अपने पुण्य क्षण माना। इसी मल्टी परिसर में परम मुनि भक्त मिथुन मित्तल ने भी गुरुदेव की मंगल आगवानी की एवं उनके आवास पर गुरुदेव के चरण कमल एवं आशीष प्राप्त होने पर मित्तल परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा और यही कहते हुए प्रतीत हो रहे थे, जब से गुरु दर्शन मिला, मन है मेरा खिला-खिला मेरी तुमसे डोर बंध गई है। मेरी तो पतंग उड़ गई है।
इन्होंने करवाया आहारदान
इसी के साथ आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज का संघ सहित तलवंडी दिगंबर जैन मंदिर में मंगल प्रवेश हुआ जहां समाज बधुओं ने उनकी मंगल अगवानी की। प्रवचन के बाद आचार्य श्री विनिश्चय सागर जी महाराज को आहारदान देने का सौभाग्य त्रिलोक भूपेंद्र मयंक सांवला परिवार को मिला एवं मुनिश्री प्रांजल सागर जी महाराज को आहार दान देने का सौभाग्य विमल बाकलीवाल परिवार को मिला। मुनि श्री प्रवीर सागर जी महाराज को आहार दान देने का सौभाग्य एवं पूज्य मुनि श्री प्रत्यक्ष सागर जी महाराज जी को आहार दान देने का सौभाग्य देवेंद्र अर्पित सुरलाया परिवार को मिला एवं क्षुल्ल्क श्री प्रमेश सागर जी महाराज को आहार दान देने का सौभाग्य पंकेश सांवला परिवार को मिला।













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