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मुनिश्री सौम्यसागरजी का मुरैना में मंगल प्रवेश:  जैन संतों के वात्सल्य पूर्ण मिलन का अलौकिक दृश्य


मुनिश्री सौम्य सागर महाराज ससंघ का सोमवार को भव्य मंगल प्रवेश हुआ। नगर के समाज बंधुओं ने कोतवाली के पास पहुंचकर मुनिराजों की भव्य अगवानी की। बड़े जैन मंदिर में विराजमान मुनिश्री विलोकसागर महाराज और मुनिश्री विबोध सागर महाराज भी मुनिराजों की अगवानी करने आए। मुरैना से पढ़िए, मनोज जैन की यह खबर…


मुरैना। संस्कारधानी, धर्म नगरी मुरैना में मुनिश्री सौम्य सागर महाराज ससंघ का सोमवार को भव्य मंगल प्रवेश हुआ। आचार्यश्री विद्यासागरजी महाराज के शिष्य मुनिश्री सौम्य सागर महाराज एवं मुनिश्री निश्चल सागर जी का भव्य नगर आगमन हुआ। नगर के साधर्मी बंधुओं ने कोतवाली के पास पहुंचकर मुनिराजों की भव्य अगवानी की। नगर के बड़े जैन मंदिर में विराजमान मुनिश्री विलोकसागर महाराज और मुनिश्री विबोध सागर महाराज भी मुनिराजों की अगवानी करने नगर की सीमा पर पहुंचे।

 जिनेंद्र प्रभु की जयकार गूंजी

कोतवाली के पास अपार जन समूह के समक्ष मुनिराजों ने आगंतुक मुनिराजों की अगवानी कर चरण वंदना की। मुनिश्री विलोक सागर जी एवं विबोधसागर जी ने मुनिश्री सौम्यसागर को नमोस्तु निवेदित किया। अत्यंत ही वात्सल्य पूर्ण मधुर मुस्कान के साथ दोनों मुनिराजों ने गले मिलकर एक-दूसरे को नमोस्तु किया। चरण वंदना एवं गले मिलने के बाद मुनिश्री सौम्य सागर जी की अन्य सभी मुनिराजों ने परिक्रमा की। इस मंगलमय मिलन को देखकर उपस्थित सभी साधर्मी बंधु हर्ष के साथ श्री जिनेंद्र प्रभु की जय जयकार करने लगे।

गाजे-बाजे के साथ शोभायात्रा निकाली

श्री दिगम्बर जैन संतों को गाजे-बाजे के साथ भव्य शोभा यात्रा के रूप में नगर भ्रमण कराते हुए बड़े जैन मंदिर में भव्य प्रवेश कराया गया। शोभायात्रा में सभी बंधु पचरंगी ध्वजा लेकर जैन धर्म के सिद्धांतों पर आधारित जयघोष करते हुए चल रहे थे। बड़े जैन मंदिर के प्रवेशद्वार पर सौभाग्यशाली महिलाओं ने रंगोली बनाकर, सिर पर मंगल कलश रखकर मुनिराजों की अगवानी की। समाजजनों ने पाद प्रक्षालन कर मुनियों का आशीर्वाद प्राप्त किया।

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