मुनि श्री अनुत्तरसागर जी महाराज ससंघ (3पिच्छी) का मंगल प्रवेश धर्मनगरी में शाम 5.30 बजे हुआ। समाजजनों ने के लिए ढकलगांव फाटा खंडवा रोड पर पहुंचकर अगवानी की। मुनिश्री का सुपार्श्वनाथ मंदिर, पार्श्वनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर जी में महिला मंडलों ने पाद प्रक्षालन किया। सनावद से पढ़िए सन्मति जैन काका की यह खबर…
सनावद। इस त्यागियों की नगरी में जैन संतों का आना निरंतर जारी है। मंगलवार को गणाचार्य श्री विरागसागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री अनुत्तरसागर जी महाराज ससंघ (3पिच्छी) का मंगल प्रवेश धर्मनगरी में शाम 5.30 बजे खंडवा की ओर से हुआ। समाजजनों ने मंगल अगवानी के लिए ढकलगांव फाटा खंडवा रोड पर पहुंचकर अगवानी की। अगवानी में सम्मिलित होकर धर्म प्रभावना में सहयोगी बने। मुनिश्री का सुपार्श्वनाथ मंदिर, पार्श्वनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर जी में महिला मंडलों ने पाद प्रक्षालन किया। इसके बाद मंदिर के दर्शन किए गए। इसके बाद मुनिश्री ने बड़वाह की ओर मंगल विहार किया। इस अवसर पर मुनि सेवा अध्यक्ष मुकेश जैन ,प्रशांत चौधरी, अनुभव सराफ, हर्षित जैन, आशीष जैन, कमलेश भूच, वारिश जैन, सोनू जैन, संतोष बाकलीवाल, अचिंत्य जैन, महेन्द्र मुंशी, बसंत काकू, राजू जैन, निलेश बाकलीवाल,लवीश पाटनी,संदीप चौधरी,विशाल चौधरी,नीतू जैन,अंशुमा जैन,लेखमाला जैन, हीरामणी भूच, मंजुला भूच सहितसमाजजन उपस्थित थे।
बुधवार होगा गुरु भाइयों मिलन
निरंतर पद विहार के कर रहे आचार्य श्री विराग सागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री अनुत्तरसागर जी महाराज ससंघ (3 पिच्छी) का बुधवार 23 अप्रैल को आचार्य श्री 108 विशुद्धसागर जी महाराज ससंघ (तकरीबन 65पिच्छी) का मिलन बड़वाह शहर में प्रातः होगा।













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