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संतो के मिलन से श्रमण संस्कृति मजबूत होती है-गणिनी आर्यिका सुप्रकाशमति माताजी: माताजी का धरियावद में मंगल प्रवेश


गणिनी आर्यिका 105 श्री सुप्रकाशमति माताजी ससंघ आर्यिका चैत्यमति माताजी, आर्यिका गणिनी प्रसन्नमति माताजी सहित 8 पिच्छी संघ का धरियावद के 1008 श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर में भव्य मंगल प्रवेश हुआ। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त प्रतिष्ठाचार्य पंडित हंसमुख जैन परिवार ने माताजी की अगवानी की। वहीं महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश लेकर आर्यिका संघ की अगवानी की। आगामी 21 जनवरी को समस्त आर्यिका संघ का भव्य मंगल प्रवेश होगा। जनवरी के अंतिम सप्ताह में आदिनाथ भगवान का निर्वाण कल्याणक महोत्सव होगा।पढ़िए धरियावद से अशोक कुमार जेतावत की यह खबर… 


धरियावद। समाधिस्थ दिगंबर जैन आचार्य 108 श्री अभिनंदन सागरजी महाराज एवं मुनि 108 श्री दयासागर जी महाराज की सुशिष्या गणिनी आर्यिका 105 श्री सुप्रकाशमति माताजी ससंघ आर्यिका चैत्यमति माताजी, आर्यिका गणिनी प्रसन्नमति माताजी सहित 8 पिच्छी संघ का धरियावद के 1008 श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर में भव्य मंगल प्रवेश शनिवार को हुआ। आर्यिका संघ ने यहां पर विराजित प्रज्ञाश्रमण मुनि 108 श्री पुण्य सागरजी महाराज की तीन परिक्रमा कर दर्शन-वंदन किए। इस अवसर पर पूरा मंदिर परिसर मुनि-आर्यिका संघ के जयकारों से गूंज उठा।

पाद प्रक्षालन पश्चात शोभायात्रा धर्म सभा में परिवर्तित 

इससे पहले प्रातःकाल आर्यिका संघ का हिमवन क्षेत्र से मंगल विहार हुआ। यहां से श्री सिद्धांत क्षेत्र नंदनवन पहुंचे। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त प्रतिष्ठाचार्य पंडित हंसमुख जैन परिवार ने माताजी की अगवानी की। यहां दर्शन के बाद माताजी संघ का धरियावद नगर में प्रवेश हुआ। समाज के श्रेष्ठी दिनेश कुमार जैकणावत की अगुवाई में समाजजन ने आर्यिका माताजी का पाद-प्रक्षालन कर अर्घ्य समर्पित किया। इसके बाद श्री नसियां जी मंदिर से बैंड-बाजे के साथ भव्य शोभायात्रा के रूप में आर्यिका सुप्रकाशमति माताजी ससंघ महावीर स्वामी मंदिर पहुंचे। महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश लेकर आर्यिका संघ की अगवानी की। यहां शोभायात्रा ने धर्मसभा का रूप ले लिया।

चित्र अनावरण, दीप प्रज्वलन, पाद प्रक्षालन और जिनवाणी भेंट का लाभ लिया 

मंदिर परिसर में आयोजित धर्मसभा में चित्र अनावरण, दीप प्रज्वलन, मुनिश्री पुण्य सागरजी महाराज एवं आर्यिका सुप्रकाशमति माताजी का पाद प्रक्षालन और जिनवाणी भेंट का लाभ चंद्रप्रकाश मांगीलाल बोहरा परिवार ने लिया। मंगलाचरण बाल ब्रह्मचारिणी वीणा दीदी ने किया। आर्यिका सुप्रकाशमति माताजी की आहारचर्या का लाभ प्रतापगढ़ उप जिला प्रमुख सागर मल बोहरा परिवार ने लिया।

संतो के मिलन से श्रमण संस्कृति मजबूत होती है आर्यिका सुप्रकाशमति माताजी ने अपने प्रवचन में कहा कि श्रमण संस्कृति को जीवंत रखने वाला संत समूह ही होता है, जो वर्तमान में इस संस्कृति को जीवित रखे हुए है। जब एक संत, दूसरे संत से मिलता है तो श्रमण संस्कृति मजबूत होती है। संत जब संत से मिलते हैं तो सच्चे अर्थों में आनंद की प्राप्ति होती है। उमास्वामी आचार्य ने जिनागम में कहा है कि “वंदे तद गुण लभ्दयेः”, यानी संत के गुणों की वंदना की जाती है एवं संत पूजनीय होते हैं। इसलिए संसार में णमो अरिहंताणं कहा गया है, इसमें संतों के गुणों की प्राप्ति के लिए हम नमस्कार करते हैं।

आर्यिका संघ का शेषपुर मोड़ की ओर हुआ मंगल विहार

श्रीफल जैन न्यूज के अशोक कुमार जेतावत ने संघ सान्निध्य से बताया कि आर्यिका सुप्रकाशमति माताजी ससंघ का 2024 का वर्षायोग शाश्वत तीर्थराज श्री सम्मेद शिखरजी (झारखंड) में हुआ था। यहां पर आर्यिका संघ ने तीर्थराज की 121 वंदना की थी। गत 6 नवंबर को सम्मेद शिखरजी से तीन मूर्ति अभिनंदन साधक साधना केंद्र, शेषपुर मोड़ (सलूंबर, राजस्थान) के लिए विहार हो रहा है। जहां पर आगामी 21 जनवरी को समस्त आर्यिका संघ का भव्य मंगल प्रवेश होगा।

आर्यिका संघ का शिखरजी से पंचतीर्थ यात्रा

आर्यिका संघ का शिखरजी से पंचतीर्थ यात्रा का कार्यक्रम इस प्रकार है- गिरिडीह, चंपापुर, भागलपुर, मंदार गिरी, गुणादा, नवादा, पावापुरी, कुंडलपुर, नालंदा, राजगृह, गयाजी, बनारस, प्रयागराज, प्रभासगिरी, कौशांबी, झांसी, शिवपुरी, बारां, मंदसौर, प्रतापगढ़, धरियावद होते हुए शेषपुर मोड़ की ओर विहार चल रहा है।

जनवरी के अंतिम सप्ताह में आदिनाथ भगवान का निर्वाण कल्याणक महोत्सव होगा 

आगामी 27 और 28 जनवरी को आदिनाथ भगवान का निर्वाण कल्याणक महोत्सव, बीसवीं सदी के प्रथमाचार्य चारित्र चक्रवर्ती आचार्य 108 श्री शांति सागर जी महाराज की मूर्ति स्थापना, आचार्य अभिनंदन सागर जी महाराज का 10वां समाधि दिवस समारोह एवं समाधिस्थ आर्यिका 105 श्री प्रज्ञामति माताजी की मूर्ति स्थापना एवं प्रतिष्ठा समारोह समेत सभी कार्यक्रम क्षेत्र की संस्थापिका गणिनी आर्यिका सुप्रकाशमति माताजी के सानिध्य और प्रतिष्ठाचार्य पंडित विनोद पगारिया ‘विरल’ (सागवाड़ा) के निर्देशन में संपन्न होंगे। आर्यिका माताजी ससंघ के सान्निध्य में ध्यानोदय तीर्थ क्षेत्र बलीचा (उदयपुर) में आगामी 10 एवं 11 फरवरी को धार्मिक संपन्न होना प्रस्तावित है। सभा का संचालन पण्डित भागचंद जैन ने किया ।

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