समाचार

आचार्य श्री विशुद्ध सागर महाराज का मंगल प्रवेश: मुनि संघ और समाजजनों ने शोभायात्रा के साथ की अगवानी


आचार्य श्री विशुद्ध सागर महाराज की चरण वंदना नगर में विराजित मुनि संघ सहित समाज श्रेष्ठीजनों ने की। शनिवार को सुबह 8.30 बजे खरगोन रोड से आचार्य श्री का धर्म नगरी में भव्य मंगल प्रवेश हुआ। शाम को आचार्य श्री का मंगल विहार सिद्धक्षेत्र सिद्धवरकूट के लिए हुआ। सनावद से पढ़िए सन्मति जैन काका की यह खबर…


सनावद। आचार्य श्री 108 वर्धमान सागर जी महाराज सहित 18 त्यागियों की नगरी में संतों का महाकुंभ लगा। जिसमें आचार्य श्री विशुद्ध सागर महाराज की चरण वंदना नगर में विराजित मुनि संघ सहित समाज श्रेष्ठीजनों ने की। शनिवार को सुबह 8.30 बजे खरगोन रोड स्थित चौधरी फ्यूल्स से आचार्य श्री विशुद्ध सागर महाराज का धर्म नगरी में भव्य मंगल प्रवेश हुआ। नगर में पहले से विराजित आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी के शिष्य मुनि श्री प्रणेयसागर जी, मुनि श्री सर्वार्थ सागर जी, मुनि श्री सौम्यसागर जी, आचार्य श्री अभिनंदन सागर जी के शिष्य अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी और आचार्य श्री विराग सागर जी महाराज के शिष्य विश्वविजय सागर जी का भव्य मंगल मिलन आचार्य श्री के साथ हुआ और जहां पर सभी मुनियों ने आचार्य श्री की चरण वंदना करते हुए पाद प्रक्षालन किया।

यह दृश्य देख कर उपस्थित श्रावकों ने जयकार के नारे लगाए। नगर में प्रवेश के समय आचार्य श्री का समाजजनों ने जगह-जगह पाद प्रक्षालन किया और पुष्प वृष्टि की। मंगल प्रवेश की शोभायात्रा नगर के मुख्य मार्गों से होती हुए जैन ग्राउंड पर पहुंची।

जहा आचार्य श्री के साथ समस्त मुनि संघ द्वारा श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में भगवान के दर्शन किए गए। नगर में 61 संतों का महाकुंभ देखकर सभी का मन प्रफुल्लित हो गया। शाम को आचार्य श्री का मंगल विहार सिद्धक्षेत्र सिद्धवरकूट के लिए हुआ और 20 अप्रैल को मंगल प्रवेश सिद्धवरकूट में होगा।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
2
+1
0
+1
0
Shreephal Jain News

Tags

You cannot copy content of this page