आचार्य श्री विहर्ष सागर महाराज ससंघ का राजस्थान में प्रथम बार आगमन हो रहा है। इसके बाद सलूंबर में वर्षायोग के लिए मंगल प्रवेश बुधवार सुबह होने जा रहा है। इनके स्वागत-अगवानी के लिए समाज की ओर से तैयारियां की जा रही है। 3 जुलाई से अष्टानिक पर्व प्रारंभ हो रहे हैं एवं 4 जुलाई को गणाचार्य विराग सागरजी महाराज के प्रथम समाधि दिवस पर विशेष पूजन एवं विनयांजलि सभा भी होगी। सलूंबर से पढ़िए, यह खबर…
सलूंबर गणाचार्य विरागसागर जी के शिष्य आचार्य श्री विहर्ष सागर महाराज ससंघ का राजस्थान में प्रथम बार आगमन हो रहा है। इसके बाद सलूंबर में वर्षायोग के लिए मंगल प्रवेश बुधवार सुबह होने जा रहा है। मुनि सेवा समिति के सचिव गजेंद्र शाह ने बताया कि बुधवार प्रातः अनेकांत कॉलेज से विहार करके मालवी कॉम्प्लेक्स दुदर पर जैन समाज ने आचार्यश्री की भव्य अगवानी की जाएगी। इसके बाद नगर के प्रमुख मार्गों से शोभायात्रा निकाली जाएगी। जगह-जगह आचार्यश्री के पाद प्रक्षालन किया जाएगा। सभी जिनालयों के दर्शन के बाद नागदा बाजार में स्थित धर्मसागर श्रमण भवन में धर्मसभा होगी। इसमें आचार्य श्री के मंगल प्रवचन होंगे।
कोषाध्यक्ष मणिलाल मालवी ने बताया कि आचार्य श्री के संघ में कुल 15 साधु संत हैं, जो इंदौर से पद विहार करते हुए प्रथम बार सलूंबर आ रहे हैं। इनके स्वागत-अगवानी के लिए समाज की ओर से तैयारियां की जा रही है। शोभायात्रा में समाज के युवा मंडल एवं महिला मंडलों की ओर से विशेष आयोजन किए जाएंगे। 3 जुलाई से अष्टाह्निक पर्व प्रारंभ हो रहे हैं एवं 4 जुलाई को गणाचार्य विराग सागरजी महाराज के प्रथम समाधि दिवस महोत्सव पर विशेष पूजन एवं विनयांजलि सभा भी होगी।













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