समाचार

आचार्य श्री कुमुद नंदीजी एवं आचार्य श्री विप्रणत सागर जी का मंगल प्रवेश : समाजजनों ने पाद प्रक्षालन कर अगवानी की


संतों की नगरी में साधु परमेष्टि का आना-जाना निरंतर जारी है। इसी आचार्य आचार्य श्री कुमुद नंदी जी एवं प आचार्यश्री विप्रणत सागर जी का मंगल प्रवेश बेड़ियां की ओर से हुआ। सनावद से पढ़िए, सन्मति जैन काका की यह खबर…


सनावद। संयम, तप, साधना के लिए जाने वाले अनेक साधुओं की नगरी में दो आचार्यों का मंगल प्रवेश हुआ। संतों की नगरी में साधु परमेष्टि का आना-जाना निरंतर जारी है। इसी आचार्य आचार्य श्री कुमुद नंदी जी एवं प आचार्यश्री विप्रणत सागर जी का मंगल प्रवेश बेड़ियां की ओर से हुआ। नगर में विराजमान आर्यिका आगम मति माताजी के साथ सभी समाजजनों ने चौधरी फ्यूल्स खरगोन रोड पर आचार्य महाराज जी की आगवानी की ।

आचार्य महाराज ने नगरों के जिन मंदिरों के दर्शन कर श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर पहुंचे। जहां आचार्य श्री विप्रणत सागर जी महाराज ने श्री जी का पंचामृत अभिषेक एवं मंगल शांतिधारा संपन करवाई। आचार्य श्री ने मंदिर के हॉल आचार्य श्री की मंगल देशना हुई।सभा का शुभारंभ संगीता पाटोदी मंगलाचरण से हुआ।

तत्व चर्चा, धार्मिक क्लास एवं आरती भक्ति की

आचार्य श्री ने अपनी देशना में कहा कि कला जिसके अंतरंग में जाग जाया करती है। वह संसार के विषय सुखों से परामूर्त हुआ करते हैं। जब तक ज्ञान नहीं है जब तक प्रचंड मोह का साम्राज्य हुआ करता है और जब ज्ञान हो जाया करता है तो मोह का सूर्य अस्ताचल की और चला जाया करता है। आज आचार्य श्री विप्रणत सागर जी महाराज को आहारदान देने का सौभाग्य सावित्री बाई कैलाशचंद जटाले परिवार को प्राप्त हुआ। शाम को आचार्य श्री द्वारा तत्व चर्चा, धार्मिक क्लास एवं आरती भक्ति सभी समाजनों की उपस्थिति में हुए। इस अवसर पर सभी समाजजन उपस्थित थे।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
1
+1
0
+1
0
Shree Phal News

You cannot copy content of this page