समाचार

अमेरिका में होगी जैन कान्फ्रेंस : इंदौर के अतिशय मंदिर को शामिल किया गया है विशेष डॉक्युमेंट्री में


अमेरिका में होने वाले जैन अधिवेशन में भारत के कुछ महत्वपूर्ण चुनिंदा तीर्थों, मंदिरों, वहां के अतिशय क्षेत्रों आदि पर एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी रिलीज होगी। फिल्म में इंदौर नगर के पंचायती दिगंबर जैन मंदिर छावनी को भी शामिल किया गया। पढ़िए राजेश जैन दद्दू की रिपोर्ट…


इंदौर। फेडरेशन ऑफ जैन एसोसिएशंस का 22वां भव्य एवं व्यापक अधिवेशन आगामी 30 जून से 3 जुलाई तक होने जा रहा है। प्रत्येक 2 वर्ष के अंतराल में अमेरिका में होने वाली इस कान्फ्रेंस में देश-विदेश के अनेक जैन विद्वान, मनीषी ,वक्ता एवं समग्र जैन धर्म के अनुयायी (श्वेतांबर एवं दिगंबर) एक साथ भाग लेते हैं। इस कान्फ्रेंस में जैन धर्म की मानवीय जीवन में आवश्यकता और श्रेष्ठता पर अपने विचार और रिसर्च पेपर्स रखे जाएंगे। इस अवसर पर भारत के कुछ महत्वपूर्ण चुनिंदा तीर्थों, मंदिरों, वहां के अतिशय क्षेत्रों आदि पर एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी रिलीज होगी।

फिल्म में इंदौर नगर के पंचायती दिगंबर जैन मंदिर छावनी को भी शामिल किया गया। भारत के लिए इस कार्य का पटकथा लेखन एवं फिल्मांकन, डायरेक्शन इंदौर की पुष्पा पांड्या (छावनी समाज के पूर्व अध्यक्ष स्व. मूलचंदजी पांड्या के भाई, स्व क्रांति कुमार गुना वाले की धर्मपत्नी) का है। पुष्पा पांड्या ने,बावनगजा, कुंडलपुर, श्रवणबेलगोला आदि के साथ इंदौर में गोम्मटगिरि, ह्रिंकार गिरी, ढाई द्वीप, कांच मंदिर, समवशरण मंदिर आदि को भी अपनी पटकथा एवं डायरेक्शन में शामिल कर वीडियो शूट किया है। इसके निर्माता अमेरिका निवासी डॉ. मनोज जैन परिवार हैं।

डॉक्यूमेंट्री वीडियोग्राफी फिल्म आदि का कार्य सिद्धि विनायक क्रिएशन के नीलेश व्यास, नीति व्यास एवं उनकी टीम ने भारत में जगह-जगह घूम कर किय है। इसी सिलसिले में पुष्पा पांड्या, श्री सिद्धि विनायक क्रिएशन टीम, वीडियोग्राफर आदि के साथ अतिशय क्षेत्र छावनी के श्री दिगंबर जैन पंचायती मंदिर श्री नेमीनाथ जिनालय में आई। जिनालय की भव्यता एवं श्री पार्श्वनाथ भगवान के अतिशय एवं दर्शन से पूरी टीम प्रभावित हुई और यह जानकर आश्चर्य चकित हुई कि श्री पार्श्वनाथ भगवान की प्रतिमा जो खंडित हो गई थी, वह कैसे जुड़ गयी।

जब यह बताया गया कि श्रमण संस्कृति के चर्या शिरोमणि आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महामुनिराज के प्रयाग शिष्य श्रुत संवेगी मुनि श्री आदित्य सागर जी, अप्रमित सागर जी, सहज सागर संसघ के मंत्रों की साधना से श्री पार्श्वनाथ भगवान वापस अपने मूल स्वरूप में आ गए तो सभी प्रतिमाओं के फोटो एवं वीडियो लिए गए। जिनालय की स्थापना से लेकर वर्तमान के सभी कार्यों की विकासगाथा विशेषकर पार्श्व नाथ भगवान के अतिशय आदि की जानकारी ट्रस्ट के महामंत्री देवेंद्र सेठी एवं दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद इंदौर के पूर्व अध्यक्ष इंजी. जैन कैलाश वेद ने दी।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
6
+1
2
+1
0
Shreephal Jain News

You cannot copy content of this page