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स्वयं से हो सवाल क्या मैंने आज खुद को बेहतर बनाया: भोपाल में मुनिश्री सर्वार्थसागर जी ने जीवन के दर्शन से कराया परिचित 


राजधानी भोपाल में मुनिश्री सर्वार्थसागर महाराज जी के प्रवचनों को लाभ लेने के लिए बड़ी संख्या में जैन समाज के लोग आ रहे हैं। मुनिश्री विचित्र बातें प्रणेता के रूप में जगत विख्यात हैं। भोपाल से पढ़िए, अभिषेक अशोक पाटील की यह खबर…


भोपाल। राजधानी भोपाल में मुनिश्री सर्वार्थसागर महाराज जी के प्रवचनों को लाभ लेने के लिए बड़ी संख्या में जैन समाज के लोग आ रहे हैं। मुनिश्री विचित्र बातें प्रणेता के रूप में जगत विख्यात हैं। उन्होंने अपने प्रवचन में कहा कि हम सब जीवन में बड़ी ऊंचाइयां छूना चाहते हैं। हम सपने देखते हैं, योजनाएं बनाते हैं, और मेहनत करते हैं लेकिन, अक्सर हम ये भूल जाते हैं कि ज़िंदगी की हार या गिरावट सिर्फ किसी बड़े हादसे से नहीं होती, वो होती है छोटी-छोटी गलतियों से। उन्होंने आगे कहा कि जैसे किसी ऊंचे पहाड़ से गिरना मुश्किल होता है, वैसे ही ज्यादातर लोग पहाड़ से नहीं, छोटे-छोटे पत्थरों से ठोकर खाते हैं। ये छोटी बातें ही हमारी राह का रुकावट बन जाती हैं। जैसे देर से उठना, समय की कदर न करना, ग़लत संगत में पड़ जाना या गुस्से में जवाब देना। यही छोटी ग़लतियां धीरे-धीरे हमारे चरित्र को, हमारे आत्मविश्वास को और हमारे सपनों को अंदर ही अंदर खोखला कर देती हैं।

उन्होंने धर्मसभा में मौजूद समाजजनों से कहा कि तो आज से एक वादा करें कि छोटी ग़लतियों को नज़रअंदाज़ नहीं करेंगे। हर दिन खुद से पूछेंगे कि क्या मैंने आज खुद को बेहतर बनाया? क्या मैंने आज किसी गलती से कुछ सीखा? क्योंकि, बदलाव का बीज हमेशा छोटी आदतों से ही उगता है और वही आदतें हमें असफलता की ठोकर से बचाकर सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचाती हैं। विचित्र बाते प्रणेता मुनिश्री सर्वार्थसागर महाराज जी ने कहा कि धर्म कि ज्योति जहां भी जलाई जाती है, अभिषेक पाटील कि भूमिका नजर आती है। संस्कार, सेवा, समर्पण जिनका आधार है, कोल्हापुर को जिनपर गर्व बारंबार है।

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Shreephal Jain News

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