हूमड़ जैन समाज में कार्तिक शुक्ल अष्टमी से शुरू हुआ अष्टान्हिका पर्व 5 नवंबर पूर्णिमा तक विभिन्न धार्मिक पूजाओं व कल्याणक उत्सवों के साथ मनाया जाएगा। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…
फेडरेशन ऑफ हूमड़ जैन समाज के संस्थापक एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अजीत कोठिया ने बताया कि पूरे देश के सभी हूमड़ प्रोविंसेज, गांवों और शहरों में यह आठ दिवसीय पर्व अत्यंत श्रद्धा और धार्मिक गरिमा के साथ मनाया जा रहा है। प्रतिदिन नंदीश्वर दीप पूजा, पंच मेरु पूजा, अष्टान्हिका पर्व पूजा एवं नव देवता पूजाओं का आयोजन होगा। कई स्थानों पर सिद्धचक्र महामंडल विधान अत्यंत भव्य स्वरूप में आयोजित किया जाएगा।
पर्व की अवधि में 2 नवंबर को भगवान अरहनाथ का कैवल्य ज्ञान कल्याणक तथा 5 नवंबर को भगवान संभवनाथ का जन्म कल्याणक अत्यंत उत्साह और मंगल वातावरण में मनाया जाएगा। अंतिम दिवस 5 नवंबर को शांति पाठ व मंगलाचरण के साथ पर्व का विधिवत समापन होगा।
फेडरेशन ऑफ हूमड़ जैन समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष विपिन गांधी, महामंत्री महेन्द्र बंडी, कोषाध्यक्ष सुरेंद्र चांपावत, राजस्थान प्रोविंस अध्यक्ष धनपाल शाह सरोदा एवं महामंत्री गोवर्धन लाल जैन सहित विभिन्न पदाधिकारियों ने समाज के सभी सदस्यों को अष्टान्हिका पर्व की हार्दिक मंगलकामनाएं प्रेषित की हैं और इस पावन अवधि में अधिक से अधिक पूजा-अर्चना एवं संयम पालन का आह्वान किया है।













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