मुनि श्री विशल्यसागर जी का सोमवार सुबह भव्य मंगल प्रवेश झुमरी तिलैया में हुआ। वे झारखंड सरकार के राजकीय अतिथि हैं। सोमवार को बायपास पर जैन समाज की सैकड़ों महिलाओं बच्चे, पुरुषों ने उनकी अगवानी की। कोडरमा से पढ़िए राजकुमार जैन अजमेरा की यह खबर…
कोडरमा। आचार्य श्री विराग सागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री विशल्यसागर जी का सोमवार सुबह भव्य मंगल प्रवेश धर्म नगरी झुमरी तिलैया में हुआ। वे झारखंड सरकार के राजकीय अतिथि हैं। सोमवार को बायपास पर जैन समाज की सैकड़ों महिलाएं, बच्चे, पुरुष अगवानी के लिए पहुंचे। नगर भ्रमण में बैंडबाजे के साथ जैन समाज के बच्चे धर्म ध्वज लेकर तो महिलाएं मस्तक पर मंगल कलश के साथ चल रही थीं। मुनिश्री का मंगल प्रवेश को लेकर उत्साह देखने को मिला। अग्रवाल समाज के पदाधिकारी कैलाश चौधरी ने गुरुदेव की आरती की और चरण स्पर्श किया। जैन समाज की ओर से सोमवार को जैन मंदिर गली और चौराहा के सभी स्थानों को रंगोली से सजाया गया। सभी द्वार पर महिलाओं ने धार्मिक गतिविधि के साथ मुनिश्री की आरती और वंदना की। पुरुषों ने उनके चरण धोए।
मंगल प्रवेश में बाहर से आए भक्तों को चरण पखारने का सौभाग्य मिला
बड़ा मंदिर पहुंचने पर महिला संगठन की अध्यक्ष नीलम सेठी, मंत्री आशा गंगवाल ने मुनि श्री के चरणों में श्रीफल अर्पित कर स्वागत, अभिनंदन किया और आशीर्वाद लिया। मंगल प्रवेश में बाहर से आए भक्तों को चरण पखारने का सौभाग्य मिला। सुप्रसिद्ध भजन गायक सुबोध-आशा गंगवाल ने भजनों से समां बांधा। संगीतमय पूजा द्वारा मुनि श्री विशल्य सागर जी के गुरु आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी का आचार्य पदारोहण दिवस मनाया गया।
समाज धर्म एवं गुरुओं के प्रति श्रद्धा एवं भक्ति की अटूट पराकाष्ठा से ओतप्रोत है
इस अवसर पर पूज्य मुनि श्री ने कहा कि गुरु ईश्वर का दूसरा रूप है। संसार जगत के सभी सुखों की प्राप्ति गुरु के सत्संग में आने से ही होती है। पूरे भारतवर्ष में पैदल भ्रमणकर धर्म प्रभावना में अपने गुरु विशुद्ध सागर जी के मार्ग निर्देशन पर ही उनके आशीर्वाद से कर रहा हूं। गुरुदेव ने कहा कि हमने समाधिस्थ कुंदकुंद आचार्य को अपने नयनों से नहीं देखा। आचार्य विशुद्धसागर की देख लो यदि वर्तमान के यदि कोई कुंदकुंद है तो वह विशुद्धसागर हैं। उन्होंने संपूर्ण समाज को आशीर्वाद देते हुए कहा कि झुमरी तिलैया का समाज धर्म एवं गुरुओं के प्रति श्रद्धा एवं भक्ति की अटूट पराकाष्ठा से ओतप्रोत नजर आता है और सभी तत्पर होकर खूब भक्ति करते हैं। इसलिए इसका नाम झुमरीतिलैया है, जो भक्ति के सरोवर मे डुबकी लगाती रहती है। मौके पर कार्यक्रम के कोषाध्यक्ष सुरेंद्र जैन काला, समाज के उपमंत्री नरेंद्र जैन झांझरी, संचालनकर्ता सहमंत्री राज जैन छाबड़ा, समाजसेवी सुरेश जैन झांझरी, प्रदीप जैन छाबड़ा, अभिषेक जैन शास्त्री शामिल हुए। श्री जी का शांतिधारा का सौभाग्य अशोक विकास, लोकेश पाटोदी परिवार को प्राप्त हुआ। यह जानकारी नवीन जैन ने दी।













Add Comment