समाचार

दशलक्षण पर्व पर पार्श्व पद्मावती धाम में श्रद्धालुओं ने की आर्जव धर्म की आराधना : शनि ग्रह अरिष्ट निवारक श्री मुनि सुव्रतनाथ भगवान का अभिषेक और शांतिधारा संपन्न


पलवल स्थित पार्श्व पद्मावती धाम में दशलक्षण पर्व के अवसर पर आर्जव धर्म की भव्य आराधना हुई। अभिषेक, शांतिधारा, पूजन और प्रवचनों के साथ श्रद्धालुओं ने निष्कपट जीवन अपनाने का संकल्प लिया। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…


पलवल। दशलक्षण पर्व के तीसरे दिन जैन तीर्थ श्री पार्श्व पद्मावती धाम में आर्जव धर्म का भव्य आयोजन हुआ। सुबह बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्र हुए और सबसे पहले भूगर्भ से अवतरित शनि ग्रह अरिष्ट निवारक श्री मुनि सुव्रतनाथ भगवान का अभिषेक एवं शांतिधारा की गई। नमोकार महामंत्र और स्तुतियों की गूंज से वातावरण भक्तिमय हो उठा। इसके बाद सभी श्रद्धालुओं ने परिवार सहित आर्जव धर्म पूजन में भाग लिया। इस अवसर पर नितिन जैन ने कहा कि आर्जव धर्म का अर्थ है सीधापन और निष्कपटता। जब मन, वचन और कर्म में अंतर नहीं होता तब आत्मा शुद्ध होती है। कपट और मायाचारी से दूर रहकर सरलता अपनाना ही मोक्षमार्ग का मार्ग है।

सच्चा जीवन समाज में सौहार्द लाता है

मेघा जैन ने कहा कि आर्जव धर्म निष्कपट जीवन का प्रतीक है। जैसे निर्मल जल सबको शीतलता देता है, वैसे ही सच्चा जीवन समाज में सौहार्द लाता है। उन्होंने कहा कि आज लोग मुखौटे लगाकर जीते हैं, जबकि धर्म हमें अंदर-बाहर से एक समान रहने की प्रेरणा देता है। पूजन और प्रवचन के बाद श्रद्धालुओं ने संकल्प लिया कि वे छल, कपट और आडंबर को त्यागकर सरल व सच्चा जीवन अपनाएंगे। पूरे धाम में दिनभर भक्ति गीत और स्तुतियों की गूंज रही और श्रद्धालुओं ने इस आयोजन को जीवनभर यादगार बताया।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
0
+1
0
+1
0
Shreephal Jain News

About the author

Shreephal Jain News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page