श्री आदिनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर मालवीय रोड के जिनालय में पार्श्वनाथ बेदी के समक्ष आध्यात्मिक प्रयोगशाला के माध्यम से अष्टमी तिथि पर विशेष धार्मिक आयोजन किया गया। पढ़िए प्रणीत जैन की रिपोर्ट…
रायपुर। श्री आदिनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर मालवीय रोड के जिनालय में पार्श्वनाथ बेदी के समक्ष आध्यात्मिक प्रयोगशाला के माध्यम से अष्टमी तिथि पर विशेष धार्मिक आयोजन किया जाता है। जिनालय के पूर्व उपाध्यक्ष श्रेयश जैन बालू ने बताया कि गृहस्थ को आत्मकल्याण के लिये पंच-परमेष्ठी भगवान का अभिषेक शांति धारा स्तुति एवं पूजा प्रतिदिन करना चाहिये। देवपूजा, गुरुपास्ति स्वाध्याय, संयम, तप, और दान इन षट्कर्मों के आलम्बन नव देवता हैं। अरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय, सर्वसाधु, जिनागम, जिनधर्म, जिनमन्दिर और जिनप्रतिमा ये नव देवता हैं। प्रातः अपनी उपासना में श्रावक इनकी आराधना करके वीतरागिता और मानवता की शिक्षा ग्रहण करता है, जो इसके आध्यात्मिक और व्यवहारिक जीवन में उपयोगी है।
अभिषेक बाद की गई शांतिधारा
शुक्रवार को प्रात 8.30 बजे श्रावक गण सामुहिक रूप से एकत्रित होकर जिनालय की पार्श्वनाथ बेदी में भगवान पुष्पदंत भगवान को पांडुकशिला में विराजमान कर प्रासुक जल से अभिषेक उपरांत शांति धारा की गई। अष्ट द्रव्यों से पूजन कर अर्घ्य समर्पित किए गए। आज की रिद्धि सिद्धि सुख शांति प्रदाता शांतिधारा करने का सौभाग्य प्रवीण जैन मामाजी को प्राप्त हुआ। आज की शांति धारा का शुद्ध उच्चारण राशु जैन द्वारा किया गया। आज के कार्यक्रम में विशेष रूप से सनत जैन, श्रेयश जैन, प्रवीण जैन मामाजी, कुमुद जैन, प्रणीत जैन, राशु जैन, पलक जैन, लोकेश जैन,अक्षत जैन विशेष रूप से उपस्थित थे।













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