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अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन : प्राकृत टाइम्स इंटरनेशनल न्यूज़लेटर’ के सम्मेद शिखर विशेषांक का भव्य विमोचन


सारांश

श्रुत रत्नाकर’ ट्रस्ट द्वारा आयोजित ‘क्षमा’ विषय पर द्विदिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन गुजरात विश्वविद्यालय (अहमदाबाद) में किया गया। पढ़िये विस्तृत रिपोर्ट… 


अहमदाबाद । जैन एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका(JAINA) , जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाइज़ेशन (अहमदाबाद) तथा वर्ल्ड जैन कॉन्फ़ीडरेशन (मुंबई) के परस्पर सहयोग से ‘श्रुत रत्नाकर’ ट्रस्ट द्वारा आयोजित ‘क्षमा’ विषय पर द्विदिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन 21 तथा 22 जनवरी को गुजरात विश्वविद्यालय (अहमदाबाद) में किया गया। यहां देश-विदेश से आये अनेक विद्वानों का समागम हुआ। आचार्यश्री विजयनंदीघोष एवं श्री महेंद्रमुनि मा.सा. के सानिद्ध्य में आयोजित इस सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि गुजरात विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. हिमांशु पंड्या, श्रुत रत्नाकर ट्रॅस्ट एवं सम्मेलन के निदेशक प्रो. जितेंद्र बी. शाह, जैन एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका के अध्यक्ष हरेश शाह, ओवरसीज़ रिलेशन्स कमेटी ऑफ JAINA के अध्यक्ष दिलीप वी. शाह तथा JAINA इंडिया फ़ाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. बिपिन दोशी ने ‘प्राकृत टाइम्स इंटरनेशनल न्यूज़लेटर’ के शाश्वत तीर्थ सम्मेद शिखर विशेषांक का भव्य विमोचन किया।

प्राचीन आचार्यों, प्राकृत एवं साहित्य को समर्पित 

इस अवसर पर इसके संपादक डॉ. अरिहन्त कुमार जैन (मुंबई) ने ‘प्राकृत टाइम्स’ के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अँग्रेजी भाषा में प्रकाशित यह न्यूज़लेटर प्राचीन प्राकृत भाषा, साहित्य एवं संस्कृति की समृद्ध परंपरा को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से प्रकाशित किया जा रहा है । इसमें प्राचीन आचार्यों, प्राकृत एवं साहित्य के लिए समर्पित सुप्रसिद्ध मनीषियों के योगदान, महत्त्वपूर्ण पुस्तकों का परिचय, अंग्रेजी अनुवाद के साथ प्राकृत गाथाओं, तथा देश-विदेशों में चल रहे प्राकृत अध्ययन, कार्यशालाओं, सेमिनारों, कांफ्रेंस आदि गतिविधियों की सूचनायें मुख्यता के साथ प्रकाशित होती हैं। पूज्य साधु-संतों एवं देश-विदेशों के कई सुविख्यात मनीषियों ने इसकी भरपूर सराहना की है और कहा है कि ‘प्राकृत टाइम्स’ भारत और पश्चिमी देशों के बीच ‘प्राकृत सेतु’ का कार्य कर रहा है और अपने उद्देश्यों में पूर्णतः सफलता भी प्राप्त कर रहा है । इसके प्रकाशन का सम्पूर्ण व्यय अभी तक संपादक द्वारा निजी स्तर पर ही किया जा रहा है । ज्ञातव्य है कि डॉ. अरिहन्त, जैन दर्शन के प्रख्यात विद्वान प्रो. फूलचन्द जैन प्रेमी और डॉ. श्रीमती मुन्नी जैन (वाराणसी) के छोटे बेटे एवं प्रो. अनेकान्त कुमार जैन (दिल्ली) के अनुज हैं । आप वर्तमान में जैन अध्ययन केंद्र, सोमैया विद्याविहार विश्वविद्यालय, मुंबई में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं।

सम्मेद शिखर पर केंद्रित

प्राकृत टाइम्स का यह नवीन अंक शाश्वत तीर्थ सम्मेद शिखर पर केंद्रित है, जिसमें प्राचीन आगमों में उल्लिखित निर्वाण भूमि के प्रमाण, विद्वानों के इस विषयक विचार आदि अनेक महत्त्वपूर्ण जानकारियां पढ़ने को मिलेंगी। इसके अब तक के सभी अंकों को prakrittimes.wordpress.com पर पढ़ा जा सकता है ।

श्रुत रत्नाकर एवं सम्मेलन के निदेशक प्रो. जितेंद्र शाह एवं अन्य उपस्थित सभी विद्वानों ने डॉ. अरिहन्त की इस क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण पहल हेतु, हार्दिक बधाई एवं शुभकामना देते हुए अतिशय हर्ष व्यक्त किया । इस अवसर पर देश-विदेश से आये विभिन्न विधाओं के विद्वानों ने ‘क्षमा’ के विभिन्न आयामों पर शोधपूर्ण तथा ज्ञानवर्धक व्याख्यान दिए।

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