आदिनाथ एकता मंच के सदस्यों ने वार्षिक अधिवेशन एवं स्नेह मिलन का आयोजन किया। इस अवसर पर आदिनाथ एकता मंच के संस्थापक, अंतरराष्ट्रीय कवि और भारत जैन गौरव नरेंद्रपाल जैन ने कहा कि जिंदगी में सफलता प्राप्त करनी है, तो इस यात्रा में अच्छी या बुरी परिस्थितियां आएं, उन्हें स्वीकार करते हुए, विचलित हुए बिना अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहना चाहिए। पढ़िए सचिन गंगावत की रिपोर्ट…
ऋषभदेव। आदिनाथ एकता मंच के सदस्यों ने वार्षिक अधिवेशन एवं स्नेह मिलन का आयोजन किया। इस अवसर पर आदिनाथ एकता मंच के संस्थापक, अंतरराष्ट्रीय कवि और भारत जैन गौरव नरेंद्रपाल जैन ने कहा कि जिंदगी में सफलता प्राप्त करनी है, तो इस यात्रा में अच्छी या बुरी परिस्थितियां आएं, उन्हें स्वीकार करते हुए, विचलित हुए बिना अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहना चाहिए। आदिनाथ एकता मंच सिर्फ एक संस्था नहीं, बल्कि एक परिवार है। महामंत्री रिंकेश सुरावत ने बताया कि एकता मंच समाज की उन्नति के लिए कार्य करता है। उन्होंने कहा कि जहां सामंजस्य होता है, वहां एकता होती है, और जहां एकता होती है, वहां संगठन होता है। मंच के अध्यक्ष निलेश वानावत ने बताया कि एकता मंच का उद्देश्य जैन समाज के लोगों को प्रोत्साहन देना है, जिसके लिए समय-समय पर मंच द्वारा कई सामाजिक कार्य किए जाते हैं।
साथ ही, उन्होंने कहा कि समाज के हर व्यक्ति को व्यापार के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए। मंच के नकुल जैन ने बताया कि इस अवसर पर पत्रकारों का सम्मान भी किया गया, जिसमें मंच के अध्यक्ष निलेश वानावत ने पत्रकार नीरज भूपावत, सचिन गंगावत, शुभम नागदा का ओढ़ना ओढ़ाकर सम्मान किया। साथ ही मंच के संरक्षक नरेंद्रपाल किकावत, वरिष्ठ उपाध्यक्ष पवन दलावत और महामंत्री रिंकेश सुरावत का जन्मदिन भी मनाया गया।
अंत में स्नेह भोज का आयोजन किया गया, जिसमें मंच के मनीष किकावत, वैभव वानावत, मनीष भवरा, दिल्पेश गांधी, उज्जवल वानावत, राजू भाई, आशीष दोवडिया, आशीष वानावत, जयेश भवरा, मनीष कोठारी, लोकेश भानावत, योगेश पंचोली और सभी मंच की महिला सदस्यों के साथ बच्चे मौजूद थे।













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