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उत्तम त्याग धर्म पर अनिल जैन ने किया आजीवन रात्रि आहार का त्याग : पर्यूषण पर्व में भक्तों ने विभिन्न नियम और त्याग लेकर की अनुमोदना


मुरैना में पर्यूषण पर्व के दौरान उत्तम त्याग धर्म की आराधना की गई। इस अवसर पर श्रावक अनिल जैन ने आजीवन रात्रि आहार का त्याग कर अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। पढ़िए मनोज जैन नायक की खास रिपोर्ट…


मुरैना में पर्यूषण पर्व की दस दिवसीय श्रृंखला में गुरुवार को उत्तम त्याग धर्म की आराधना हुई। श्रद्धालुओं ने श्री आदिनाथ भगवान का अभिषेक, शांतिधारा और अष्टद्रव्य से पूजन कर धर्मलाभ प्राप्त किया।

मंदिर कमेटी के पूर्व मंत्री पदमचंद जैन चैटा वालों ने प्रवचन में कहा कि जीवन में आवश्यक न होने वाली वस्तुओं और बुरे विचारों का त्याग करना ही सच्चा धर्म है। मोह-माया और लोभ का त्याग कर ही संयम की साधना का मार्ग प्रशस्त होता है।

इस अवसर पर नगर के श्रावकश्रेष्ठी अनिल जैन बरेह वालों ने आजीवन रात्रि आहार का त्याग कर सभी को प्रेरित किया। उन्होंने प्रतिज्ञा ली कि सूर्यास्त के बाद जीवन भर कोई भी खाद्य या पेय पदार्थ ग्रहण नहीं करेंगे। नवीन जैन चैटा वालों ने एक वर्ष तक दिन में केवल दो बार भोजन का नियम लिया, जबकि पदमचंद जैन ने एक साल के लिए दही बड़ा का त्याग किया।

अंत में उपस्थित समाजजनों ने अनिल जैन सहित सभी त्यागकर्ताओं की खूब अनुमोदना की। प्रथम जिनाभिषेक का सौभाग्य अनिल जैन को मिला जबकि शांतिधारा प्रवीण, नवीन, दीपक जैन और संजीव जैन ने संपन्न की।

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