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चातुर्मासिक धर्मसभा में दिए प्रवचन : हमेशा सच्चे दिल से पढ़ो जिनवाणी – आचार्य विहर्ष सागर महाराज 


हमारी आत्मा में अनंत गुण का भंडार हैं। कभी अपने गुणों का भी गुणगान करो ताकि आत्मा पर लगा हुआ आवरण पर्दा हट जाए। गलत धर्म की राह पकड़ ली तो पूरा भव खराब हो जाता है। सुनो सबकी, करो मन की। आचार्य विहर्ष सागर जी महाराज ने बड़ा गणपति स्थित, मोदीजी की नसियां में अपने प्रवचन के दौरान उक्त बात कही। पढ़िए राजेश जैन दद्दू की रिपोर्ट….


इंदौर। जैन दर्शन में सम्यक दर्शन एक अमोघ शस्त्र है। यदि हमने इसको धारण कर लिया तो हमारा भव सुधर जाएगा। जिनवाणी कहती है कि तुम्हें तंत्र-मंत्र से मंत्रित कुछ भी पहनने की जरूरत नहीं, आप तो इन्हें केवल सच्चे दिल से पढ़ो। आप जिनवाणी मां को साध लो, कोई मांता अपने बेटे का बुरा नहीं सोचती। जब भी बोलना जिनवाणी बोलना, मनवाणी मत बोलना। जिन्होंने इसकी शरण ली, वे सिद्ध बन गए। हमारी आत्मा में अनंत गुण का भंडार हैं। कभी अपने गुणों का भी गुणगान करो ताकि आत्मा पर लगा हुआ आवरण पर्दा हट जाए। गलत धर्म की राह पकड़ ली तो पूरा भव खराब हो जाता है। सुनो सबकी, करो मन की। आचार्य विहर्ष सागर जी महाराज ने बड़ा गणपति स्थित, मोदीजी की नसियां में अपने प्रवचन के दौरान उक्त बात कही।

धर्म स्वभाव है

आचार्य श्री ने कहा कि हर बात आगम ग्रंथ में सही -सही लिखी है, फिर भी ये बातें द्रव्य, क्षेत्र, काल, भाव देखकर बदल जाती है। ज्ञानी पुरषों के संगठन को ही समाज कहा जाता है। धर्म तो हमेशा से एक था, एक है और एक रहेगा। धर्म है स्वभाव, हमें स्वभाव की प्राप्ति करना है। भगवान महावीर स्वामी ने कहा, अपने मुंह में अनेकांत, चर्या में अहिंसा और सोच में स्वादवाद होना चाहिए।

मनाया जाएगा अवतरण दिवस

फेडरेशन के मीडिया प्रभारी राजेश जैन दद्दू ने बताया कि रविवार, 16 जुलाई को धर्मवीर मुनि श्री विजयेश सागर जी महाराज का अवतरण दिवस हम सभी हर्षोल्लास से मनाएंगे। आज आचार्य श्री जी की पूजा प्रियंका दीदी ने करवाई। इस अवसर पर समाज श्रेष्ठी श्री राजकुमार पाटोदी, डॉ. जैनेन्द्र जैन योगेंद्र काला, नीरज मोदी, प्रिंसपाल टोंग्या, वितुल अजमेरा, रितेश पाटनी, महावीर झांझरी, पारस पांड्या सहित सैकड़ों समाज जन मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन कमल काला ने किया।

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