धर्म की महत्ता बतलाते हुए आर्यिका श्री सुनयमति माताजी ने अपने प्रवचन में कहा कि जिस वृक्ष की जड़ें मजबूत नहीं हैं, वह मीठे फल कैसे प्रदान कर सकता हैं। पढ़िए यह रिपोर्ट…
इंदौर। प्रातःकाल की मंगल बेला में भगवान की भक्ति जीवन में सुख और शांति प्रदान करती हैं। इंदौर धर्मनगरी स्थित छावनी दिगम्बर जैन मंदिर परिसर में धर्म की महत्ता बतलाते हुए आर्यिका श्री सुनयमति माताजी ने अपने प्रवचन में कहा कि जिस वृक्ष की जड़ें मजबूत नहीं हैं, वह मीठे फल कैसे प्रदान कर सकता हैं।
जिस घर की नींव मजबूत नहीं है वह लंबे समय तक आसरा कैसे दे सकता है। जिन साधनों के पीछे हम रात दिन अंधाधुंध भाग रहे हैं, वे हमेशा रहने वाले नहीं है। ये परिवार, धन,मकान,दुकान मृत्यु तक ही रहने वाला है, यहां तक कि यह शरीर भी साथ नहीं जाएगा, फिर भी आश्चर्य इस बात का है की हम जो सदा साथ रहने वाला है, उस धर्म का आचरण नहीं करना चाहते।













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