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जैन मंदिरों में धार्मिक प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों का उत्साहपूर्वक प्रदर्शन : सत्य पर सारे तप निर्भर हैं, इससे ही पवित्र होती है वाणी – मुनि श्री अविचल सागर महाराज


सत्य ही जीवन का यथार्थ है जिस पल तुम अपने इस सत्य को जान लोगे तो तुम्हारा सारा भय समाप्त हो जाएगा। सत्य को जानते हुए भी असत्य में जीते हैं यदि जीते जी तुमने सत्य को जान लिया कि ये शरीर भी मेरा नहीं जो इस सत्य को जान लेते हैं वह ही सत्य को जी पाते हैं। सत्य को जो ध्याता है वही सत्य को पा सकता है। उक्त विचार अभिनंदनोदय तीर्थ में आचार्य विद्यासागर महाराज के प्रभावक शिष्य मुनि अविचल सागर महाराज ने पर्युषण पर्व में सत्य धर्म पर व्यक्त किए। पढ़िए राजीव सिंघाई की रिपोर्ट…


ललितपुर। सत्य ही जीवन का यथार्थ है जिस पल तुम अपने इस सत्य को जान लोगे तो तुम्हारा सारा भय समाप्त हो जाएगा। सत्य को जानते हुए भी असत्य में जीते हैं यदि जीते जी तुमने सत्य को जान लिया कि ये शरीर भी मेरा नहीं जो इस सत्य को जान लेते हैं वह ही सत्य को जी पाते हैं। सत्य को जो ध्याता है वही सत्य को पा सकता है। उक्त विचार अभिनंदनोदय तीर्थ में आचार्य विद्यासागर महाराज के प्रभावक शिष्य मुनि अविचल सागर महाराज ने पर्युषण पर्व में सत्य धर्म पर व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि नम्रता और प्रिय वचन मनुष्य के आभूषण हैं जिनके हृदय में सत्य का वास है उसके हृदय में परमात्मा का वास रहता है। सत्य को सहन करना बहुत कठिन है सत्य को समझने की जरूरत है सत्य की उपासना कर असत्य को त्यागना ही सत्य बताया।

धर्म सभा के प्रारम्भ में तत्वार्थसूत्र का वाचन नरेन्द्र जैन राजश्री द्वारा किया गया जबकि अर्ध श्रीमति सुलोचना पदमचंद जैन बानपुर परिवार द्वारा समर्पित किए गए। जैन धर्मालुओं के पयूषण पर्व नगर में के सानिध्य में शुरू हो गए हैं प्रातःकाल जैन मंदिरों में पूजन अर्चन विधान और श्री जी के अभिषेक शान्तिधारा कर श्रावक पुण्यजन कर रहे हैं। नगर के जैन अटामंदिर नया मंदिर, बडा मंदिर बहुवलि नगर नईवस्ती आदिनाथ मंदिर चन्द्रप्रभु मंदिर डोढाघाट, शान्तिनगर मदिर गांधीनगर इलाइट जैन मंदिर आदिनाथ सिविल लाइन, पार्श्वनाथ कालौनी, ज्ञानोदय कालौनी जैन मंदिर में इन दिनों धर्म की अपूर्व धर्मप्रभावना हो रही है जहां श्रावक पहुचकर पूजन अर्चन कर धर्मलाभ ले रहे हैं पार्श्वनाथ जैन अटामंदिर में तत्वार्थसूत्र का वाचन अंकिता जैन बबीना द्वारा किया गया।

इसके उपरान्त सागानेर जयपुर के विद्वान पं. पंकज जैन शास्त्री ने कहा कि नीतिकारों ने सत्य को गले का आभूषण बताया सत्य से वाणी पवित्र होती है। सत्य पर सारे तप निर्भर हैं जिन्होंने सत्य का पालन किया वह इस संसार से पार हो गए सत्य ही संसार में श्रेष्ठ है। दिगम्बर जैन आदिनाथ मंदिर सिविल लाइन में ब्रह्मचारिणी सीमा दीदी ने धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि सत्य में जीने वाला व्यक्ति कभी दुखी नहीं होता वह जब सत्य को प्राप्त कर लेता है तो सब कुछ पा लेता है।

सायंकाल आरती के उपरान्त जैन अटामंदिर में भक्ति और भाग्य विषयक व्याख्यान प्रतियोगिता अंशिका जैन गुगरवारा के संयोजन में हुई जिसमें विजेता प्रतिभागी पुरुष्कृत किए गए। मंदिर परिसर में बच्चों द्वारा धार्मिक झांकियां लगाई गई जिनको देकर आवक उन्हें प्रोत्साहित कर रहे हैं। इन दिनों मंदिरों में धर्म की अपूर्व प्रभावना में सम्मलित होकर श्रावक पुण्यार्जन कर रहे हैं।

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