तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद में फिजियोथेरेपी विभाग द्वारा एडवांस्ड क्लीनिकल फिजियोथेरेपी प्रैक्टिसेज पर वर्कशॉप आयोजित की गई, जिसमें एल्युमिनाई ने छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। पढ़िए प्रोफेसरश्याम सुंदर भाटिया की यह रिपोर्ट…..
क्लासरूम से क्लीनिक तक की दूरी जब सिमट जाए, तो सीखना और मजबूत हो जाता है…
एडवांस्ड क्लीनिकल प्रैक्टिसेज पर फोकस
तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी (टीएमयू), मुरादाबाद के फिजियोथेरेपी विभाग द्वारा एडवांस्ड क्लीनिकल फिजियोथेरेपी प्रैक्टिसेज पर एक विशेष वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस वर्कशॉप का उद्देश्य छात्रों को वास्तविक क्लीनिकल एक्सपोजर देना और केस-आधारित सीखने को बढ़ावा देना रहा।
आईटी बैंड सिंड्रोम पर गहन चर्चा
बीपीटी बैच 2017 के पासआउट एवं मन्नत फिजियोकेयर, गुरुग्राम के फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. मखदूम हसन ने इलियोटिबियल बैंड सिंड्रोम (ITBS) पर समग्र व्याख्यान दिया। उन्होंने आईटीबीएस के कारणों, बायोमैकेनिकल फैक्टर्स, क्लीनिकल मूल्यांकन तकनीकों और उन्नत फिजियोथेरेप्यूटिक मैनेजमेंट को केस-आधारित उदाहरणों के साथ सरल भाषा में समझाया।
महिला स्वास्थ्य पर व्यावहारिक दृष्टिकोण
बीपीटी बैच 2019 की एल्युमिना एवं मन्नत फिजियोकेयर, गुरुग्राम की फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. ऐमन खान ने प्रसवोत्तर महिलाओं में पेल्विक फ्लोर डिसफंक्शन विषय पर अपने क्लीनिकल अनुभव साझा किए। उन्होंने मूल्यांकन टूल्स, व्यायाम प्रिस्क्रिप्शन और मरीज-विशेष हस्तक्षेप रणनीतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इंटरैक्टिव सेशन और लाइव डेमोंस्ट्रेशन
वर्कशॉप के दौरान इंटरैक्टिव चर्चाएं, क्लीनिकल डेमोंस्ट्रेशन और हैंड्स-ऑन गाइडेंस के जरिए छात्रों को वास्तविक परिस्थितियों में सीखने का अवसर मिला, जिससे उनका आत्मविश्वास और क्लीनिकल समझ दोनों मजबूत हुई।
गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में एल्युमिनाई रिलेशन्स सेल के सहायक निदेशक श्री सिद्धार्थ माथुर, फिजियोथेरेपी विभाग की एचओडी प्रो. शिवानी एम. कौल, एल्युमिनाई समन्वयक डॉ. नंद किशोर साह सहित बड़ी संख्या में फिजियोथेरेपी विभाग के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
जब अनुभव, ज्ञान और अभ्यास एक मंच पर मिलते हैं, तभी भविष्य के बेहतर फिजियोथैरेपिस्ट तैयार होते हैं।













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