इंदौर के परिवहन नगर जैन मंदिर में आचार्य विद्यासागर, समयसागर और आर्यिका ज्ञानमती माताजी का अवतरण दिवस भव्य रूप से मनाया गया। मुनि पूज्य सागर महाराज ने कहा कि गुरु की भक्ति जीवन का सबसे बड़ा पुण्य है। – रिपोर्टर इंदौर ब्यूरो
“गुरु का आशीर्वाद ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है”
इंदौर। परम पूज्य अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज के सानिध्य में श्री 1008 महावीर दिगंबर जैन मंदिर, परिवहन नगर, इंदौर में मंगलवार को आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज, समय सागर जी महाराज एवं आर्यिका श्री 105 ज्ञानमती माताजी के अवतरण दिवस को अत्यंत श्रद्धा और भक्ति भाव से मनाया गया।
मुनि श्री ने प्रवचन में कहा – “गुरु की भक्ति करने का अवसर बड़े सौभाग्य से मिलता है। यह अवसर सबको नहीं मिलता, आज जिनको मिला, वे वास्तव में धन्य हैं।”
समाज अध्यक्ष नवनीत जैन और श्रेष्ठी जैन ने बताया कि कार्यक्रम का आरंभ प्रातःकालीन अभिषेक, शांतिधारा और भक्तामर विधान से हुआ, जिसमें लगभग 25 परिवारों ने भाग लिया। विधान में सौधर्म इन्द्र योगेन्द्र शुभ्रिता जैन और कुबेर देवचंद नविता जैन को विशेष लाभ प्राप्त हुआ।
गुरुपूजन के मुख्य पात्र के रूप में आरोहण परिवार से रेखा-संजय जैन, कमलेश-टीना जैन, मिनल-रोहित जैन, अंकुर-लविश पंचोलिया, वर्णित जैन, अभिषेक जैन और दीपाली श्रेष्ठी जैन को सम्मान मिला।
गुरुओं के चित्र अनावरण का सौभाग्य श्रीमती नीलम जैन, नीटू सिंह, और बादल जैन को प्राप्त हुआ, वहीं दीप प्रज्ज्वलन श्रीमती अलका चंदन और अंजना रावका ने किया।

मुनि श्री का पाद प्रक्षालन दीपक-सुनैना जैन द्वारा किया गया। शाम को भव्य गुरु महारती में राजेश-ममता सार्थक-साक्षी जैन मुख्य श्रावक बने।
शाम को परिवहन नगर में भक्ति और श्रद्धा का अनोखा नजारा देखने को मिला। राजेश-ममता परिवार के निवास से जुलूस निकला, जो मंदिर पहुंचकर गुरु महारती में परिवर्तित हुआ। पूरे परिसर में “जय गुरु देव” के जयघोष गूंजते रहे और वातावरण गुरु भक्ति में सराबोर हो गया।













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