टोंक के श्री दिगंबर जैन नसिया मंदिर में आचार्य वर्धमान सागर जी महाराज के ससंघ सानिध्य में 31 जुलाई को भगवान पार्श्वनाथ का मोक्ष कल्याण पर्व उल्लासपूर्वक मनाया जाएगा। धर्मसभा में आचार्यश्री ने मंदिर अनुशासन, वेशभूषा और राग-द्वेष पर विशेष संदेश दिए। पढ़िए विकास जैन पूरी रिपोर्ट…
टोंक। श्री दिगंबर जैन नसिया मंदिर में आयोजित धर्म सभा में आचार्य वर्धमान सागर जी महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा, “आप गृहस्थ हैं, रागी-द्वेषी हैं लेकिन जब मंदिर आएं, तो अपनी वेशभूषा और आचरण पर विशेष ध्यान दें।” उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं व बालिकाओं से अपील की कि मंदिर में शालीन वस्त्र पहनकर आएं। पुरुषों को अभिषेक के समय सिर पर अंगोछा या कपड़ा ढकने का भी निर्देश दिया। महाराजश्री ने मोबाइल के उपयोग को मंदिर में पूर्णतः वर्जित बताते हुए कहा, “मोबाइल को घर पर ही छोड़ दें, अन्यथा पुण्य की जगह पाप लग सकता है।” साथ ही महामंत्र जाप को राग-द्वेष कम करने का सशक्त उपाय बताया। सभा से पूर्व आर्यिका पूर्णिमा मति माताजी का प्रवचन हुआ। पवन कंटान व विकास जागीरदार के अनुसार, श्रीजी एवं आचार्य शांतिसागर, वीर सागर, शिव सागर, धर्म सागर, अजीत सागर महाराज के चित्रों का अनावरण एवं दीप प्रज्वलन कार्यक्रम हुआ। आचार्यश्री का पाद प्रक्षालन जैन कॉलोनी व नसिया से पधारे इंद्र-इंद्राणियों द्वारा किया गया। पिंकू चैनपुरा, दिलीप बगड़ी, पवन बोहरा, पदम, ज्ञान, अनिल, मीनू, पल्लवी सहित अनेक श्रद्धालुओं ने भक्ति नृत्य करते हुए अष्टद्रव्य अर्घ्य समर्पित किए।
मोक्ष कल्याणक महोत्सव आयोजन
समाज अध्यक्ष भागचंद फूलेता व कार्यवाहक अध्यक्ष धर्मचंद दाखिया ने बताया कि 31 जुलाई को अभिषेक, शांतिधारा व विशेष पूजा के बाद भगवान पार्श्वनाथ को निर्वाण लड्डू चढ़ाया जाएगा। तैयारियाँ जोरों पर हैं। इस मौके पर राजेश आरटी, सुरेश मलारना, रमेश काला, कमल सर्राफ, विनोद कल्ली, महावीर पासरोटिया, अंकुर पाटनी, सुनील सर्राफ, ओम ककोड़ सहित अनेक गणमान्य समाजजन मौजूद रहे।













Add Comment