शहर में 12 सालों से दिगंबर जैन संतों के अलग-अलग चातुर्मास करवा रही 2 संस्थाएं आचार्य सुनील सागर महाराज की सीख से एक हो गईं। जैनियों के गढ़ अजमेर में 2 धड़ों में बंटे श्री दिगंबर जैन मुनि संघ सेवा समिति और दिगंबर जैन मुनि संघ सेवा जाग्रति मंच का मामला शनिवार सुबह 11 बजे आचार्य सुनील सागर की धर्मसभा में सामने आया। आचार्य ने सख्त लहजे में कहा कि समाजहित में एक हों। पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट…
अजमेर। शहर में 12 सालों से दिगंबर जैन संतों के अलग-अलग चातुर्मास करवा रही 2 संस्थाएं आचार्य सुनील सागर महाराज की सीख से एक हो गईं। जैनियों के गढ़ अजमेर में 2 धड़ों में बंटे श्री दिगंबर जैन मुनि संघ सेवा समिति और दिगंबर जैन मुनि संघ सेवा जाग्रति मंच का मामला शनिवार सुबह 11 बजे आचार्य सुनील सागर की धर्मसभा में सामने आया। आचार्य ने सख्त लहजे में कहा कि समाजहित में एक हों। दोनों गुटों के संदीप बोहरा और सुशील बाकलीवाल को एक कमरे में बंद करिए और समाधान होने तक बाहर मत आने दो।
इस पर समाज के लोग ठहाका लगाकर खुश हुए। इस घटनाक्रम के बाद शाम 4 बजे विद्यासागर तपोवन में श्री दिगंबर जैन मुनि संघ सेवा समिति और दिगंबर जैन मुनि संघ सेवा जाग्रति मंच की मीटिंग हुई। सहमति बनी कि दिगंबर जैन मुनि संघ जाग्रति मंच को समाप्त किया जाए। इस निर्णय की जानकारी आचार्य श्री को देते हुए बताया गया कि उनके आदेश की पालना हो गई है।
श्रद्धालु घुटकर जीते थे
श्री दिगंबर जैन मुनि संघ सेवा समिति 130 साल से कार्य कर रही है। अब तक 50 से ज्यादा चातुर्मास करवा चुकी है। इसकी कार्यकारिणी में 31 सदस्य हैं, 300 आजीवन सदस्य है। यह छोटे धड़े की नसियां में चातुर्मास करा रही है। श्री दिगंबर जैन मुनि संघ जाग्रति मंच का गठन 2012 में हुआ। कार्यकारिणी में 51 सदस्य है। आजीवन सदस्य 400 हैं। व अब यह संस्था डिजॉल्व हो गई है। अब दोनों संघों की आपसी सहमति से एक साथ चातुर्मास कराने का फैसला लिया गया है। आचार्य सुनील सागर महाराज ने धर्मसभा में कहा कि जब संतों को पता चलता था कि अजमेर में 2 संघ हैं तो वे सीधे बाहर से विहार करते हुए निकल जाते थे। गुट में रहने वाले घुट-घुट कर जीते हैं। इसलिए एक होइए… जब-जब मौका आता है, आप एक हो जाते हैं। यह मुझे मालूम है। दो संघ होने पर अजमेर जैन समाज का अच्छा संदेश नहीं जाता। इसलिए एक हो जाइए। समाज में एकता होना बहुत जरूरी है, समाज एक रहेगा तब ही समाज का मजबूत बनेगा। हमारे धर्म की रक्षा कर सकेंगे।
अब 47 सदस्यों की कमेटी कराएगी चातुर्मास
बैठक में दोनों पक्षों से सुशील बाकलीवाल, पदम सोगानी, सुनील होकरा, संदीप बोहरा सहित समाज के अन्य कई लोग शामिल हुए। तय हुआ कि संघ के 31 सदस्यों के साथ मंच के 15 व्यक्ति और जोड़ें। साथ में एक समाज के प्रबुद्ध व्यक्ति को जोड़ा जाए। इनकी संख्या 47 हो रही है। अब आने वाले चातुर्मास यही करवाएंगे। बैठक में संदीप बोहरा ने कहा कि आचार्य सुनील सागर महाराज के आदेश के आगे वे नतमस्तक हैं। संघ अध्यक्ष सुनील बाकलीवाल ने कहा कि समाज में संत का स्थान सर्वोच्च है। उनके आदेश की पालना की गई है।
12 साल पहले चुनाव के बाद शुरू हुए थे मतभेद
वर्ष 2012 में श्री दिगंबर जैन मुनि संघ सेवा समिति के चुनाव में ज्ञानचंद गदिया ने संदीप बोहरा को 1 वोट से हरा दिया था। चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए गए। बोहरा के साथ एक असंतुष्ट वर्ग ने दिगंबर जैन मुनि संघ सेवा जाग्रति मंच बनाकर रजिस्टर्ड कराया। मंच ने 5 चातुर्मास और 15 प्रवास कराए।













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